झारखंड भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में शनिवार को सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर श्रद्धानंद रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारी महिलाएं कांग्रेस कार्यालय तक तो नहीं पहुंच सकीं, लेकिन इस दौरान उनकी महिला पुलिस जवानों के साथ काफी देर तक तीखी झड़प और गुत्थम-गुत्थी होती रही। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जेएनयू के एक प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर मामलों में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाना था।
⚖️ क्या है जेएनयू का मामला? कांग्रेस सांसद पर लगे यौन शोषण के गंभीर आरोप
मामले की जानकारी देते हुए भाजपा नेत्रियों ने बताया कि जेएनयू की 11 छात्राओं ने एक प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। यूनिवर्सिटी की आंतरिक समिति (Internal Committee) द्वारा जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जेएनयू प्रशासन ने प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जब छात्राओं ने अंक (Marks) के बदले शोषण का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है, तब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इस पर पूरी तरह मौन क्यों हैं।
📢 महिला कांग्रेस ने किया पलटवार, कहा- मुद्दों से ध्यान भटकाने की हो रही है कोशिश
भाजपा के इस विरोध प्रदर्शन के जवाब में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो और सुंदरी तिर्की के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता भी बैनर-झंडों के साथ सड़कों पर उतर आईं और भाजपा विरोधी नारेबाजी की। कांग्रेस नेत्रियों ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि देश में चल रहे अन्य गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा यह नौटंकी कर रही है। दोनों दलों के विरोध-प्रदर्शन के चलते राजधानी रांची में कुछ देर के लिए सियासी पारा काफी गर्म रहा।
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