गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले के पेंड्रा विकासखंड से एक अत्यंत चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ 9वीं कक्षा में एडमिशन न मिलने के कारण एक छात्र ने निराशा में आकर जान देने की कोशिश की। छात्र आठवीं कक्षा पास कर चुका था और कोड़गार हाई स्कूल में प्रवेश लेना चाहता था, लेकिन जरूरी दस्तावेजों के अभाव में एडमिशन प्रक्रिया अटक गई। इस तनाव के चलते छात्र ने यह घातक कदम उठाया।
📜 दस्तावेजों की कमी बनी मुसीबत
परिजनों ने बताया कि वे छात्र का एडमिशन कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। एक आवश्यक दस्तावेज के अभाव में प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी, जिसे बनवाने की कोशिश में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। छात्र की मां ने बताया, “हमने जब उसकी तबीयत बिगड़ती देखी, तब पूछताछ करने पर उसने खुद इस घटना की जानकारी दी।” फिलहाल, डॉक्टरों के अनुसार छात्र खतरे से बाहर है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
📢 प्रक्रिया की जटिलता पर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूल प्रवेश प्रक्रियाओं की जटिलता और विद्यार्थियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग को एडमिशन के नियमों को सरल बनाना चाहिए ताकि किसी भी बच्चे को दस्तावेज के चक्कर में अपनी पढ़ाई और जीवन से समझौता न करना पड़े। साथ ही, स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था की मांग भी उठ रही है।
🛡️ जिला प्रशासन की सक्रियता
प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है कि आखिर वह कौन सा दस्तावेज था जिसे समय रहते उपलब्ध नहीं कराया जा सका। फिलहाल शिक्षा विभाग को मामले में जवाबदेही तय करने और एडमिशन प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए जाने की उम्मीद है।
विशेष संदेश: आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित तनाव में है, तो कृपया मदद मांगें। आप नीचे दी गई हेल्पलाइन नंबरों पर कभी भी कॉल कर सकते हैं:
स्नेहा फाउंडेशन: 04424640050 (24×7 उपलब्ध)
आईकॉल (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज): 9152987821
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