कुरुक्षेत्र: जिले में गुरुवार देर रात आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिले भर में 150 से अधिक बिजली के खंभे और करीब 100 पेड़ धराशायी हो गए। इस आपदा के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
🏚️ शाहाबाद में छत गिरी, बुजुर्ग मलबे में दबे
शाहाबाद के गांव रावा में बारिश का कहर तब देखने को मिला, जब एक कच्चे मकान की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त घर में सो रहे बलदेव सिंह मलबे के नीचे दब गए। गनीमत रही कि परिजनों और ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
🌳 बस अड्डे के पास गिरा विशाल पेड़, वाहन क्षतिग्रस्त
नए बस अड्डे के पास पार्किंग में खड़ा एक विशाल सफेदे का पेड़ तेज हवाओं के चलते अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक ऑटो, एक रेहड़ी और कई मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के समय आसपास लोगों की मौजूदगी न होने से एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।
⚡ बिजली व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रहार
तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली निगम पर पड़ा है। 150 से अधिक बिजली खंभे और तारें टूटने से पूरी रात अंधेरा पसरा रहा। निगम की टीमों ने रातभर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया, जिससे सुबह 4 बजे तक शहरी क्षेत्रों में बिजली बहाल हो सकी, हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी काम जारी है। अनुमान है कि निगम को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
🚜 मंडियों में भीगी किसानों की मेहनत
इस बेमौसम बारिश का सीधा असर जिले की मंडियों में देखने को मिला। खुले में रखी सूरजमुखी और मक्के की फसलें पानी में भीग गईं। किसान दिनभर अपनी फसल को पलटने और सुखाने की कोशिश में जुटे रहे। उन्हें डर है कि नमी के कारण फसल की गुणवत्ता खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
यह खबर आपको कैसी लगी?


हरियाणा




























