मेरठ (उत्तर प्रदेश): मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ यात्रा के दौरान सोमवार को कांवड़ियों के दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक विवाद उत्पन्न हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे। इसी दौरान वाहनों (मोटरसाइकिल) के बीच हुई मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते उग्र हाथापाई और मारपीट का रूप धारण कर लिया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग पुलिस वाहन को घेरकर हंगामा करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।
🚔 पुलिस वाहन को घेरकर उग्र भीड़ ने किया हमला, कांवड़िए के वेश में तैनात हेड कांस्टेबल से मारपीट
यह घटना सोमवार तड़के लगभग 2:30 बजे घटित हुई। विवाद की सूचना प्राप्त होते ही दौराला थाना पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
इसी दौरान गलतफहमी के कारण हालात और अधिक बिगड़ गए। पुलिस की मौजूदगी के बीच कुछ उग्र लोगों ने पुलिस जीप को घेर लिया और उसमें बैठे व्यक्ति पर हमला कर दिया। बाद में स्पष्ट हुआ कि पुलिस वाहन में मौजूद हेड कांस्टेबल दिनेश कांवड़िए की पोशाक में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। कांवड़ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए सादे कपड़ों और श्रद्धालुओं के भेष में पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं, किंतु उग्र भीड़ ने उन्हें दूसरे पक्ष का व्यक्ति समझकर उन पर हमला कर दिया।
📲 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो, पुलिस ने बाइक व स्कूटी की जब्त
इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे वीडियो में कुछ उपद्रवी पुलिस वाहन के समीप पहुंचकर उसमें बैठे सुरक्षाकर्मी के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को कब्जे में ले लिया है। इस हिंसक झड़प में घायल हुए श्रद्धालुओं—सोनू, आयुष, सागर, विकास तथा गुड्डू का चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Examination) कराने के उपरांत प्राथमिक उपचार कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल सामान्य और खतरे से बाहर है।
🗣️ गलतफहमी के कारण हुआ विवाद, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में: एसपी सिटी विनायक भोसले
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) विनायक भोसले ने बताया कि प्रारंभिक विवाद के उपरांत पुलिस ने एहतियातन कुछ कांवड़ियों को अपनी गाड़ी में बैठाया था।
इसी बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने यह गलतफहमी पाल ली कि वाहन के अंदर उनके साथियों के साथ मारपीट की जा रही है। इसी भ्रम के चलते उन्होंने पुलिस जीप के पास पहुंचकर हंगामा किया। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि मामला अब पूरी तरह शांत और नियंत्रण में है। दोनों पक्षों का मेडिकल कराकर जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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