भारत: दूरसंचार विभाग (DoT) ने डिजिटल इंडिया पहल को मजबूती देते हुए ‘प्राइम मिनिस्टर वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस’ (PM WANI) योजना में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। इस अपडेट का सबसे बड़ा लाभ उन यूजर्स को मिलेगा जो लैपटॉप या टैबलेट जैसे सेकेंडरी डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने अब QR कोड आधारित ऑथेंटिकेशन सिस्टम पेश किया है, जिससे लंबे लॉगिन पेज और ओटीपी (OTP) के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
🌐 PM WANI क्या है और कैसे काम करता है?
PM-WANI का मुख्य उद्देश्य देश भर में सस्ता और सुलभ पब्लिक इंटरनेट उपलब्ध कराना है। यह योजना लोकल पब्लिक डेटा ऑफिस (PDOs), ऐप प्रोवाइडर्स और वाई-फाई ऑपरेटरों के माध्यम से एक विशाल इकोसिस्टम बनाती है, जो सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को इंटरनेट से जोड़ते हैं। यह महँगे मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड पर निर्भरता को कम करने का एक प्रभावी जरिया है।
🚀 क्या हैं नए फीचर्स और बदलाव?
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QR बेस्ड ऑथेंटिकेशन: अब एक ऑथेंटिकेटेड स्मार्टफोन ऐप के जरिए QR कोड स्कैन करके लैपटॉप और टैबलेट को तुरंत वाई-फाई से जोड़ा जा सकेगा।
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सैशे-स्टाइल इंटरनेट प्लान: यूजर्स की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 15, 30 और 60 मिनट के छोटे इंटरनेट प्लान लाए गए हैं, जो रेलवे स्टेशनों, मॉल और ट्रांज़िट हब जैसी जगहों के लिए बेहतरीन हैं।
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नेटवर्क की पहचान: DoT ने हॉटस्पॉट नामों को ‘PM-WANI’ ब्रैंडिंग के साथ स्टैंडर्ड बना दिया है, ताकि असली और भरोसेमंद नेटवर्क की पहचान आसानी से हो सके।
🗓️ कब से लागू होंगे बदलाव?
दूरसंचार विभाग ने सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को निर्देश दिया है कि वे सर्कुलर जारी होने की तारीख से आठ सप्ताह के भीतर इन अपडेटेड गाइडलाइंस को लागू करें। उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक ये सुविधाएं पूरे देश में सक्रिय हो जाएंगी, जिससे पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करना पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
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