रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो झारखंड के ही रांची और लोहरदगा जिलों के निवासी हैं। 16 जून की रात करीब 11:35 बजे हुए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
💣 हमले की साजिश और तैयारी
जांच में खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने हमले से पहले कार्यालय की रेकी की थी। उन्होंने पेट्रोल बम खुद ही तैयार किए थे, हालांकि उन्हें इसका सीमित अनुभव था। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के ठिकानों से पेट्रोल बम बनाने में उपयोग होने वाला कच्चा सामान बरामद किया है। हमले के दौरान दो पेट्रोल बम फेंके गए थे—एक मुख्य गेट के बाहर और दूसरा कार्यालय की छत पर। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
🌐 सोशल मीडिया से भर्ती और ISI कनेक्शन का अंदेशा
खुफिया एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों द्वारा भर्ती किया गया था। अधिकारी अब आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों को खंगाल रहे हैं ताकि इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सके।
🔍 शाहजाद भट्टी मॉड्यूल की भूमिका?
प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे ‘शाहजाद भट्टी मॉड्यूल’ की भूमिका होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और जांच पूरी होने के बाद ही साजिश की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
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