जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) जबलपुर में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एलएलबी (LLB) फोर्थ सेमेस्टर का हिंदी का पेपर देने पहुंचे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र हाथ में आते ही छात्रों को अहसास हुआ कि उसमें पूछा गया एक भी सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम (Syllabus) से संबंधित नहीं था। आक्रोशित छात्रों ने तुरंत परीक्षा का बहिष्कार कर दिया और विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए कुलपति डॉ. राजेश वर्मा के बंगले के सामने धरने पर बैठ गए। जबलपुर शहर के जानकी रमन कॉलेज सहित अन्य संबद्ध महाविद्यालयों से भी छात्रों के आक्रोश की ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं।
📢 सालभर की मेहनत पर फिरा पानी: जानकी रमन कॉलेज के छात्रों ने कहा- ‘ग्रेस देकर पास करना समाधान नहीं’
विश्वविद्यालय के छात्र अचलनाथ और जानकी रमन कॉलेज के छात्र जतिन ने बताया कि यह यूनिवर्सिटी प्रशासन की गंभीर लापरवाही है।
छात्रों ने कहा, “हम सालभर कड़ी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन अचानक पूरा पेपर आउट ऑफ सिलेबस आ जाता है। इससे पहले भी जब ऐसा हुआ तो यूनिवर्सिटी ने सभी को पास करने का तरीका निकाला, जो बिल्कुल गलत है। इससे मेधावी छात्रों का भारी नुकसान होता है। हम दो घंटे से कुलपति बंगले के बाहर बैठे हैं, लेकिन हमारी सुध लेने कोई नहीं आया।”
⚖️ लॉ डिपार्टमेंट में लगातार पिछड़ रही हैं परीक्षाएं: प्राध्यापकों ने व्यवस्था प्रणाली पर उठाए सवाल
जबलपुर के एक निजी विधि कॉलेज के प्राध्यापक आशीष गुप्ता ने इस पूरी व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न लॉ कॉलेजों के लगभग 1500 से अधिक छात्र-छात्राएं एलएलबी की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। लॉ डिपार्टमेंट की बदहाली का आलम यह है कि पहले से ही कई सेमेस्टर की परीक्षाएं 6-6 महीने की देरी से चल रही हैं। अब इस तरह पूरे प्रश्नपत्र का आउट ऑफ सिलेबस आना विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की साख पर बड़े सवाल खड़े करता है।
🔍 कुलपति डॉ. राजेश वर्मा का आश्वासन: जांच कमेटी गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेश वर्मा ने संज्ञान लेते हुए बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा, “यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस विषय की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जा रही है और हम प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस पर अंतिम निर्णय लिया जाए। जिस भी अधिकारी या प्रोफ़ेसर स्तर से यह लापरवाही हुई है, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। छात्रों के भविष्य और हित को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।”
⚠️ RDVV में पहली बार नहीं हुई ऐसी चूक: पूर्व में भी आउट ऑफ सिलेबस आ चुके हैं कई प्रश्नपत्र
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आउट ऑफ सिलेबस पेपर आने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी लगातार ऐसी गंभीर चूके होती रही हैं:
23 अगस्त 2026: “Business Economics Observational Behaviour” के प्रश्नपत्र में भी छात्रों के अनुसार अधिकांश सवाल पाठ्यक्रम से बाहर के थे।
7 मई 2025: बीए (BA) सेकंड ईयर History (Major) का पूरा प्रश्नपत्र ही आउट ऑफ सिलेबस दे दिया गया था।
24 जुलाई 2025: Ph.D. DET 2024-25 Microbiology की प्रवेश परीक्षा में भी आधे से अधिक प्रश्न सिलेबस से बाहर के पूछे गए थे।
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