रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है, जो 02 अक्टूबर 2026 तक निरंतर आयोजित किया जाएगा।
“स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” की मुख्य थीम पर यह अभियान संचालित हो रहा है। इसके तुरंत बाद 01 से 15 अक्टूबर 2026 तक विशेष ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस दौरान रेल परिसरों, कॉलोनियों और ट्रेनों में जन-जागरूकता तथा व्यापक जनभागीदारी से जुड़े अनेक अभिनव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
🎯 अभियान का मुख्य उद्देश्य: स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाकर रेलवे परिवेश को बनाना स्वच्छ व सुंदर
‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
रेलवे परिसरों, स्टेशनों और प्लेटफार्मों को पूर्णतः स्वच्छ एवं हाइजीनिक बनाना।
रेल यात्रियों एवं आम जनता में स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना का विकास करना।
कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और उसके सही पृथक्करण (सूखा व गीला) को बढ़ावा देना।
यात्रियों व रेल कर्मचारियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद परिवेश तैयार करना।
स्वच्छता अभियान को केवल एक कार्यक्रम न बनाकर इसे एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप देना।
अभियान की श्रृंखला में 17 और 18 सितंबर को रेलवे स्कूलों तथा कॉलोनियों में बच्चों व युवाओं को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा पृथक्करण, जल संरक्षण और दैनिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।🏫 रेलवे स्कूलों व कॉलोनियों से शुरुआत: विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं और जागरूकता गतिविधियां
विद्यार्थियों के लिए रेलवे की अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण, संवाद, वाद-विवाद प्रतियोगिता, चित्रकारी स्पर्धा तथा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को कचरा संवेदनशील स्थलों (Blackspots) एवं क्लीन्लिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) की विशेष सफाई कर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिसमें सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ली जाएगी।
🚆 ट्रेनों और स्टेशनों पर विशेष अभियान: 21 व 22 सितंबर को होगी गहन चेकिंग व सफाई
21 और 22 सितंबर 2026 को “स्वच्छ स्टेशन–स्वच्छ रेलगाड़ी एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थान” शीर्षक के तहत सभी प्रमुख स्टेशनों एवं चुनिंदा रेलगाड़ियों में सघन सफाई अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान ट्रेनों के शौचालयों, कोचों की सफाई, लिनेन (चादर-तकिया), ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग (OBHS) और पैंट्रीकार की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण होगा। रेलवे स्टेशनों पर सूखे व गीले कचरे के लिए पृथक डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे तथा प्लास्टिक मुक्त प्लेटफार्म व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा।
🏡 रेलवे कॉलोनियों में डोर-टू-डोर अभियान: वेस्ट मैनेजमेंट और कपड़े के थैलों पर जोर
23 और 24 सितंबर को जनभागीदारी के अंतर्गत रेलवे कॉलोनियों में घर-घर जाकर होम कंपोस्टिंग, बायो-कंपोस्ट और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करने का संदेश दिया जाएगा।
प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के थैलों को अपनाने पर बल दिया जाएगा। साथ ही ‘जीरो-वेस्ट’ खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा और “नेकी की दीवार” व RRR (Reduce, Reuse, Recycle) संग्रह केंद्रों के जरिए पुरानी वस्तुओं के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके बाद 25 व 26 सितंबर को स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा बच्चों के खेल-कूद माध्यमों से स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
🎨 कबाड़ से कला और सफाई मित्र सम्मान: 27 सितंबर से 02 अक्टूबर तक का विशेष शेड्यूल
अभियान के अंतिम चरण में विभिन्न थीम-बेस्ड कार्यक्रम संपन्न होंगे:
27 सितंबर: ऐतिहासिक विरासत व पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं जिम्मेदार पर्यटन का संदेश।
28 व 29 सितंबर: “स्वच्छता से समृद्धि” की अवधारणा के तहत स्क्रैप और अनुपयोगी रेलवे सामग्री से सजावटी वस्तुएं बनाने की कला (“कबाड़ से कला”) तथा प्लास्टिक रीसाइक्लिंग का प्रदर्शन।
30 सितंबर: “सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर” का आयोजन, जिसमें सफाई मित्रों की स्वास्थ्य जांच, PPE किट व सुरक्षा सामग्री का वितरण तथा स्वच्छाग्रहियों का अभिनंदन किया जाएगा।
01 अक्टूबर: “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” वृहद श्रमदान कार्यक्रम में रेलकर्मी, उनके परिजन और आम नागरिक सामूहिक सफाई करेंगे।
02 अक्टूबर: स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर मुख्य समापन समारोह एवं उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान होगा।
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