धमतरी। धमतरी शहर के शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय में आयोजित सेक्टर स्तरीय अंतर-महाविद्यालयीन महिला कबड्डी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का जबरदस्त रोमांच देखने को मिला।
मैदान में अलग-अलग महाविद्यालयों से आईं महिला खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, ताकत और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 16 महिला टीमों ने हिस्सा लिया और दर्शकों का दिल जीत लिया।
🏆 गुरुकुल कन्या महाविद्यालय रायपुर ने लहराया परचम: अभनपुर को हराकर जीता फाइनल का खिताब
प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबलों में पहला मैच शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय धमतरी और नेताजी सुभाष शासकीय महाविद्यालय अभनपुर के बीच खेला गया।
वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुकुल कन्या महाविद्यालय रायपुर और छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर के बीच हुआ। इसके बाद रोमांचक फाइनल मुकाबले में गुरुकुल कन्या महाविद्यालय रायपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की और विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। जबकि नेताजी सुभाष शासकीय महाविद्यालय अभनपुर की टीम उपविजेता रही।
🎯 बिलासपुर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का रास्ता साफ: 12 बेहतरीन खिलाड़ियों का होगा चयन
वरिष्ठ खेल अधिकारी रूपेंद्र सिंह चौहान और सेवानिवृत्त वरिष्ठ खेल अधिकारी डॉ. रामानंद यदु ने बताया कि इस सेक्टर स्तरीय प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर रायपुर सेक्टर की मजबूत टीम का गठन किया जाएगा।
प्रतियोगिता में शामिल 16 टीमों में से सर्वश्रेष्ठ 12 महिला खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो बिलासपुर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय अंतर-महाविद्यालयीन कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
🗣️ कबड्डी सिर्फ खेल नहीं, जीवन की सीख है: प्राचार्य डॉ. अनिता राजपुरिया ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिता राजपुरिया ने कन्या महाविद्यालय में इस भव्य आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए खिलाड़ियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, “कबड्डी केवल मैदान में शारीरिक ताकत दिखाने का खेल नहीं है, बल्कि इसमें साहस, अनुशासन, त्वरित रणनीति, आत्मविश्वास और टीम भावना की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जीत और हार खेल का स्वाभाविक पहलू हैं, असली सफलता खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने में है।” उन्होंने सभी खिलाड़ियों से निर्णायकों के फैसले का सम्मान करने की अपील की।
🏃♀️ पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी: 8 क्षेत्रों के महाविद्यालयों की बेटियों ने मैदान में गाड़े झंडे
कन्या महाविद्यालय के खेल शिक्षक चंद्रशेखर बांधे ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद बेहद आवश्यक हैं।
खेल शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। इस प्रतियोगिता में धमतरी, कुरूद, नगरी, राजिम, गरियाबंद, अभनपुर, आरंग और रायपुर सहित विभिन्न अंचलों के महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया, जो यह साबित करता है कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
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