श्रावस्ती: जिले में बिजली विभाग की एक गंभीर लापरवाही के चलते दो गरीब ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मामला मोहमदापुर गांव का है, जहां बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए पोल लगाने का काम किया जा रहा था। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले नियमानुसार शटडाउन (Shut down) लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अचानक 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन में करंट दौड़ गया। इस अचानक हुए हादसे में पोल लगा रहे दो ग्रामीण करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भारी गुस्सा व्याप्त है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
⚠️ शटडाउन को लेकर हुआ कन्फ्यूजन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई मौत
यह पूरा हादसा 6 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे मोहमदापुर गांव में हुआ। गांव में बिजली आपूर्ति बंद थी और उसे सुचारू करने के लिए विभाग की ओर से पोल लगाने का कार्य कराया जा रहा था।
शटडाउन का भरोसा: ग्रामीणों के मुताबिक, लाइनमैन ने शटडाउन लिए जाने की पूरी पुष्टि की थी, और इसी भरोसे के साथ ग्रामीण पोल खड़ा करने के काम में मदद कर रहे थे।
अचानक आया करंट: इसी बीच, अचानक 11 हजार वोल्ट की लाइन में करंट आ गया और दोनों ग्रामीण बुरी तरह झुलसकर जमीन पर गिर पड़े। हादसा इतना भयानक था कि उन्हें अस्पताल ले जाने का मौका तक नहीं मिला और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह शटडाउन को लेकर हुआ कन्फ्यूजन सामने आया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने पुष्टि की है कि शटडाउन लिया गया था, लेकिन किसी प्रकार की गलतफहमी या लापरवाही के कारण लाइन में दोबारा करंट दौड़ गया। इस मामले में मृतकों के परिजनों की तहरीर पर बिजली विभाग के SDO, JE और लाइनमैन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
🔍 डीएम-एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक (SP) राहुल भाटी तुरंत मोहमदापुर गांव पहुंचे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद ग्रामीणों से बातचीत कर पूरी जानकारी जुटाई।
ढांढस और सहायता: डीएम और एसपी ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन की तरफ से हरसंभव मदद का पूरा भरोसा दिलाया।
आर्थिक सहायता और जांच: डीएम ने बताया कि विद्युत विभाग की मुआवजा योजना के तहत पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जरूरी दस्तावेज भेज दिए गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा निदेशालय की तकनीकी और प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार हर एक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।
यह खबर आपको कैसी लगी?


उत्तरप्रदेश




























