उदयपुर: जिले के आदिवासी बहुल कोटड़ा इलाके में अवैध गांजे की खेती के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और पुलिस ने एक बहुत बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नयावास गांव में करीब 9.4 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध गांजे की खेती का भंडाफोड़ करते हुए 7,577 गांजे के पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इन पौधों से करीब 2,273 किलो गांजा तैयार होने का अनुमान था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 11.76 करोड़ रुपए आंकी गई है।
🏔️ पहाड़ी और खेतों के बीच छिपी थी अवैध फसल, संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
नयावास गांव में जिस जमीन पर यह अवैध खेती की जा रही थी, वह पहाड़ी इलाके और खेतों के बीच बिल्कुल सुनसान जगह पर स्थित थी, ताकि आसानी से किसी की नजर इस पर न पड़े। टीम को छापेमारी के दौरान खेतों में गांजे की हरी-भरी फसल लहलहाती हुई मिली।
संयुक्त टीम का छापा: यह पूरी कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स राजस्थान और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
अधिकारियों का बयान: जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के अनुसार, इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस जमीन का असल मालिक कौन है और इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजस्थान सरकार ने अवैध मादक पदार्थों की खेती पर पैनी नजर रखने के लिए नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है:📋 राजस्थान सरकार की नई सख्ती: अब पटवारियों की तय होगी जिम्मेदारी
पटवारियों की जवाबदेही: नए नियमों के अनुसार अब स्थानीय पटवारियों की सीधी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्र में गांजा या अफीम जैसी अवैध फसलों की खेती पर लगातार नजर रखें।
समयबद्ध रिपोर्टिंग: यदि किसी इलाके में ऐसी संदिग्ध खेती मिलती है, तो पटवारी को तुरंत गिरदावर और तहसीलदार को सूचना देनी होगी। इसके बाद गिरदावर मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे और 48 घंटे के भीतर पूरी रिपोर्ट एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स तथा NCB को भेजनी होगी।
सख्त कार्रवाई: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सूचना देने में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या पटवारी के खिलाफ तुरंत निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए
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