भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सोमवार को घटना की रात के दो बेहद महत्वपूर्ण और संदेहास्पद सीसीटीवी वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में ट्विशा शर्मा सीढ़ियों के रास्ते अकेले छत की ओर जाती हुई दिखाई देती है। वहीं, इसके ठीक दूसरे वीडियो में करीब एक घंटे के बाद तीन लोग उसका शव छत से नीचे लाते नजर आते हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी में दिख रहे इन तीन लोगों में ट्विशा का पति समर्थ सिंह, उसका मौसेरा भाई और घर का एक नौकर शामिल है, जो शव को नीचे लेकर आए थे। वीडियो के विश्लेषण के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जब शव नीचे लाया जा रहा था, तब समर्थ की मां गिरिबाला सिंह भी वहां मौके पर मौजूद थीं और बेहद सहज दिखाई दे रही थीं। हालांकि, इस पूरे मामले में एक बड़ा तकनीकी पेच सामने आया है कि वीडियो में दर्ज तारीख और समय (Date and Time) बिल्कुल गलत है। वास्तविक घटना 12 मई की रात करीब 10:20 बजे की बताई जा रही है, जबकि बरामद सीसीटीवी फुटेज में 10 मई की रात करीब आठ बजे का समय प्रदर्शित हो रहा है। टाइमस्टैम्प की यह बड़ी गड़बड़ी अब पुलिस और फॉरेंसिक जांच का एक नया विषय बन गई है। इस बीच, यह सनसनीखेज वीडियो समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर भी शेयर किया है। ट्विशा की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फॉरेंसिक रिपोर्ट से मौत की असली गुत्थी सुलझनी थी, वही अब संदेहों और विवादों के घेरे में आ गई है। मृतका के स्वजन और मायके वाले खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि पहली पोस्टमार्टम और पुलिसिया जांच प्रक्रिया में न केवल गंभीर लापरवाही बरती गई है, बल्कि आरोपियों के रसूख का प्रभाव और दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि कानूनी निष्पक्षता के लिए ट्विशा का परिवार अब दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में डॉक्टरों के विशेष पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ा हुआ है। उधर, ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग अब केवल भोपाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर ट्विशा के पीड़ित परिवार और करीबी दोस्तों ने इकट्ठा होकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई। ‘जस्टिस फार ट्विशा’ के गगनभेदी नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर इस मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं दिख रही है। प्रदर्शन में शामिल ट्विशा के पुराने दोस्तों का भावुक होकर कहना था कि शादी के बाद ससुराल वालों द्वारा उसे अपने परिवार और पुराने दोस्तों से पूरी तरह अलग-थलग (आइसोलेट) कर दिया गया था, जो इस पूरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
⏳ सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में तारीख और समय मिला गलत: पुलिस जांच का नया विषय बनी तकनीकी गड़बड़ी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
⚖️ पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट पर उठे सवाल, दिल्ली एम्स में दोबारा पीएम कराने की मांग पर अड़ा पीड़ित परिवार: प्रभाव और दबाव के आरोप
🪧 भोपाल से दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंची ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की गूंज: दोस्तों ने कहा—शादी के बाद कर दिया था अलग-थलग
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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सोमवार को घटना की रात के दो बेहद महत्वपूर्ण और संदेहास्पद सीसीटीवी वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में ट्विशा शर्मा सीढ़ियों के रास्ते अकेले छत की ओर जाती हुई दिखाई देती है। वहीं, इसके ठीक दूसरे वीडियो में करीब एक घंटे के बाद तीन लोग उसका शव छत से नीचे लाते नजर आते हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी में दिख रहे इन तीन लोगों में ट्विशा का पति समर्थ सिंह, उसका मौसेरा भाई और घर का एक नौकर शामिल है, जो शव को नीचे लेकर आए थे।
⏳ सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में तारीख और समय मिला गलत: पुलिस जांच का नया विषय बनी तकनीकी गड़बड़ी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वीडियो के विश्लेषण के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जब शव नीचे लाया जा रहा था, तब समर्थ की मां गिरिबाला सिंह भी वहां मौके पर मौजूद थीं और बेहद सहज दिखाई दे रही थीं। हालांकि, इस पूरे मामले में एक बड़ा तकनीकी पेच सामने आया है कि वीडियो में दर्ज तारीख और समय (Date and Time) बिल्कुल गलत है। वास्तविक घटना 12 मई की रात करीब 10:20 बजे की बताई जा रही है, जबकि बरामद सीसीटीवी फुटेज में 10 मई की रात करीब आठ बजे का समय प्रदर्शित हो रहा है। टाइमस्टैम्प की यह बड़ी गड़बड़ी अब पुलिस और फॉरेंसिक जांच का एक नया विषय बन गई है। इस बीच, यह सनसनीखेज वीडियो समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर भी शेयर किया है।
⚖️ पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट पर उठे सवाल, दिल्ली एम्स में दोबारा पीएम कराने की मांग पर अड़ा पीड़ित परिवार: प्रभाव और दबाव के आरोप
ट्विशा की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फॉरेंसिक रिपोर्ट से मौत की असली गुत्थी सुलझनी थी, वही अब संदेहों और विवादों के घेरे में आ गई है। मृतका के स्वजन और मायके वाले खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि पहली पोस्टमार्टम और पुलिसिया जांच प्रक्रिया में न केवल गंभीर लापरवाही बरती गई है, बल्कि आरोपियों के रसूख का प्रभाव और दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि कानूनी निष्पक्षता के लिए ट्विशा का परिवार अब दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में डॉक्टरों के विशेष पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ा हुआ है।
🪧 भोपाल से दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंची ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की गूंज: दोस्तों ने कहा—शादी के बाद कर दिया था अलग-थलग
उधर, ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग अब केवल भोपाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर ट्विशा के पीड़ित परिवार और करीबी दोस्तों ने इकट्ठा होकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई। ‘जस्टिस फार ट्विशा’ के गगनभेदी नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर इस मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं दिख रही है। प्रदर्शन में शामिल ट्विशा के पुराने दोस्तों का भावुक होकर कहना था कि शादी के बाद ससुराल वालों द्वारा उसे अपने परिवार और पुराने दोस्तों से पूरी तरह अलग-थलग (आइसोलेट) कर दिया गया था, जो इस पूरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।


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