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कोरोना वैक्सीन पर अच्‍छी खबर, अगले हफ्ते से शुरू होगा ऑक्सफोर्ड के टीके के तीसरे चरण का ट्रायल

पुणे। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किए गए कोविड-19 टीका (वैक्सीन) के तीसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) अगले हफ्ते पुणे स्थित ससून जनरल अस्पताल में शुरू होगा। इसका निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआइआइ) करेगा। इस आशय की जानकारी ससून जनरल अस्पताल के डीन डॉ मुरलीधर तांबे ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्वयंसेवक तैयार हैं।

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, लगभग 150 से 200 स्वयंसेवकों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। शनिवार से अस्पताल में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जो स्वयंसेवक इसके लिए तैयार हैं, अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। इससे पहले दूसरे चरण का परीक्षण भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज और केईएम हॉस्पिटल में किया गया था।

गौरतलब है कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआइ) ने 15 सितंबर को एसआइआइ को इसके परीक्षण करने की अनुमति दी थी। उसने परीक्षण के लिए किसी भी उम्मीदवार को चुनने को रोकने वाले अपने पहले के आदेश को रद कर दिया था। डीसीजीआइ ने परीक्षण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की भी हिदायत दी है। अब इस परीक्षण पर सभी की निगाहें लगी हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे लोकसभा में बता चुके हैं कि कोरोना के टीके के विकास के लिए सहयोग की संभावना तलाशने को लेकर रूस की सरकार के साथ बातचीत की जा रही है। एक सवाल के लिखि‍त जवाब में चौबे ने कहा था कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने बताया है कि रूस में कोरोना का टीका विकसित किया गया है और उसे मंजूरी भी मिल गई है। उन्‍होंने यह भी बताया था कि दुनिया भर में 36 टीकों पर काम चल रहा है।

पुणे। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किए गए कोविड-19 टीका (वैक्सीन) के तीसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) अगले हफ्ते पुणे स्थित ससून जनरल अस्पताल में शुरू होगा। इसका निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआइआइ) करेगा। इस आशय की जानकारी ससून जनरल अस्पताल के डीन डॉ मुरलीधर तांबे ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्वयंसेवक तैयार हैं।

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, लगभग 150 से 200 स्वयंसेवकों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। शनिवार से अस्पताल में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जो स्वयंसेवक इसके लिए तैयार हैं, अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। इससे पहले दूसरे चरण का परीक्षण भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज और केईएम हॉस्पिटल में किया गया था।

गौरतलब है कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआइ) ने 15 सितंबर को एसआइआइ को इसके परीक्षण करने की अनुमति दी थी। उसने परीक्षण के लिए किसी भी उम्मीदवार को चुनने को रोकने वाले अपने पहले के आदेश को रद कर दिया था। डीसीजीआइ ने परीक्षण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की भी हिदायत दी है। अब इस परीक्षण पर सभी की निगाहें लगी हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे लोकसभा में बता चुके हैं कि कोरोना के टीके के विकास के लिए सहयोग की संभावना तलाशने को लेकर रूस की सरकार के साथ बातचीत की जा रही है। एक सवाल के लिखि‍त जवाब में चौबे ने कहा था कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने बताया है कि रूस में कोरोना का टीका विकसित किया गया है और उसे मंजूरी भी मिल गई है। उन्‍होंने यह भी बताया था कि दुनिया भर में 36 टीकों पर काम चल रहा है।

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