खंडवा। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में प्रशासनिक कार्रवाई से उपजा विवाद आखिरकार किसान संघ के उग्र विरोध के बाद शांत हुआ। भारतीय किसान संघ द्वारा लगाए गए स्वागत बोर्ड को हटाए जाने से भड़के आंदोलन ने प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया, जिसके बाद गुरुवार को एसडीएम की मौजूदगी में बोर्ड को पुनः यथास्थान लगवाना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील कार्यालय के पास रघुवंशी धर्मशाला मार्ग पर भारतीय किसान संघ ने श्रद्धालुओं एवं किसानों के स्वागत के लिए बोर्ड लगाया था। आरोप है कि पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा के निर्देश पर उक्त बोर्ड को हटवा दिया गया, जिससे संगठन में भारी आक्रोश फैल गया।
🔥 उग्र आंदोलन की चेतावनी के बाद SDM ने खुद किया बोर्ड का पूजन
घटना के विरोध में किसान संघ ने धरना प्रदर्शन शुरू किया और इसे सम्मान का मुद्दा बनाते हुए उग्र आंदोलन तथा चक्का जाम की चेतावनी दी। आंदोलन को समर्थन दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया। बढ़ते दबाव और आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार को स्वागत बोर्ड वापस लगवाना पड़ा। इसके बाद एसडीएम स्वयं धरना स्थल पहुंचे और किसान संघ के साथ स्वागत बोर्ड का विधिवत पूजन कर धरना समाप्त किया।
⚠️ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
आंदोलन के दौरान किसान संघ के पदाधिकारियों ने एसडीएम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर मनमानी और संवादहीनता के आरोप लगाए। संगठन ने यह भी संकेत दिए कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं, तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। डिप्टी कलेक्टर ममता चौहान ने मामले को समाप्त बताते हुए कहा कि बोर्ड पुनः लगवा दिया गया है और स्थिति अब सामान्य है। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने ओंकारेश्वर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति साफ नजर आ रही है।
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