नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम 2017 के कुछ वर्गों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जो अधिनियम के तहत अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को ‘गिरफ्तारी की शक्ति’ प्रदान करता है।
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