बिलासपुर। बारिश होने ही जोनल स्टेशन में यात्रियों की परेशानी शुरू हो जाती है। इसकी वजह प्लेटफार्म पर लगे जर्जर शेड है। प्लेटफार्म एक से लेकर अधिकांश शेड के किनारे का हिस्सा बीच- बीच से टूटा हुआ है। इसके चलते यात्री ट्रेन में चढ़ने से पहले भीग जाते हैं। रेलवे ने न इनकी मरम्मत कराई और नया शेड लगाया। जबकि बारिश पूर्व इनकी मरम्मत कराने का नियम है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का जोन का मुख्यालय बिलासपुर ही है। नियमानुसार तो मुख्यालय का स्टेशन चकाचक और सर्वसुविधायुक्त होनी चाहिए। पर हालत बिल्कुल विपरीत है।
आठ प्लेटफार्म के इस स्टेशन की स्थिति यह है कि यात्री बारिश न भीगे इसका तक पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। प्लेटफार्म के किनारे के ऊपरी हिस्से में जगह-जगह से शेड टूटे हुए हैं। इसके चलते बारिश का पानी नीचे गिरता है और यात्री ट्रेन में चढ़ते समय भीग जाता है
इस समस्या का यात्री जैसे-तैसे सामना कर भी लेना है। पर सबसे ज्यादा खतरा फिसलने का है। टूटे शेड की वजह से प्लेटफार्म गिला होता है। इसके चलते यदि कोई यात्री चढ़ने का प्रयास करता है तो उनके फिसलने का डर बना हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि आए दिन स्टेशन का निरीक्षण होता है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान यह खामियां नजर नहीं आती। जबकि इस तरह की मरम्मत को प्राथमिकता के तौर पर करनी चाहिए। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी स्टेशन में मौजूद रहते हैं। इसके बाद वह इसे लेकर गंभीर नहीं है। पानी की वजह से प्लेटफार्म में गंदगी भी होती है।
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