मुंबई: मुंबई में मोहर्रम के अवसर पर लोगों को जहरीली गोलियां बांटने के इरादे से गिरफ्तार किए गए 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। बीबीए ग्रेजुएट फैयाज ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह दुनिया से बदला लेना चाहता था और उसे हर कोई अपना दुश्मन नजर आता था।
🧠 मानसिक तनाव और निजी जिंदगी का असर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी, जिसके बाद से वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में था। उसकी मां और बहन फिलहाल ईरान में हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और उसका इलाज चल रहा था या नहीं।
🤖 AI से ली जहर की सटीक जानकारी
जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल का उपयोग करके यह सर्च किया था कि ‘जिंक फास्फाइड’ (Zinc Phosphide) की कितनी मात्रा शरीर के लिए घातक हो सकती है। आरोपी को चूहे मारने वाले इस रसायन की जानकारी इसलिए थी क्योंकि उसके घर में बड़ी संख्या में चूहे थे, जिन्हें मारने के लिए वह इसका इस्तेमाल करता था।
🔍 पुलिस की गहन जांच
पुलिस फिलहाल फैयाज के मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि उसके नेटवर्क और इस साजिश के पीछे के वास्तविक मकसद को समझा जा सके। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने घातक जिंक फास्फाइड कहाँ से खरीदा और उसे यह खतरनाक विचार कैसे आया। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी के मेडिकल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल से इस केस की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
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