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रायपुर। राजधानी रायपुर में ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर के चौक- चौराहों पर ओवरलोड वाहन फर्राटे भरते नजर आ जाएंगे। ओवरलोड वाहनों पर परिवहन विभाग और यातायात विभाग कार्यवाई नहीं कर रहा है। इसलिए वाहन चालक बेखौफ होकर ओवरलोड गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। जबकि ओवरलोड वाहनों पर फाइन के साथ ही अपराध भी दर्ज करना है लेकिन विभाग कार्यवाई के नाम पर महज खानापूर्ति करता है। परिवहन अधिकारी सिर्फ कार्यवाई करने की दलील देते हैं।
ज्ञात हो कि रायपुर जिले में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 35 हजार से अधिक माल वाहन संचालित हो रहे हैं। रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिरगांव में करीब एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां है। इन कंपनियों से अक्सर ओवरलोड गाड़ियां निकलकर शहर के चौक-चौराहों से होकर गुजरती हैं। ओवरलोड गाड़ियों पर कार्रवाई को लेकर परिहवन मंत्री मो. अकबर ने दो साल पहले कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था।
परिवहन मंत्री के आदेश के बाद प्रदेशभर में विभाग ने ओवरलोड गाड़ियों पर कार्रवाई कर तकरीबन सवा करोड़ तथा रायपुर जिले में 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया था। मंत्री के आदेश के बाद कुछ दिन विभाग ने कार्यवाई किया उसके बाद फिर पुराने ढर्रे में वापस लौट आए। वर्तमान में राजधानी के भनपुरी, फाफाडीह, पंडरी तेलीबांधा और टाटीबंध आदि चौक-चौराहों में ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से गुजरते देखा जा सकता है। भारी वाहन संचालक गाड़ी में मनमाने तरीके से वाहन ओवरलोड चला रहे हैं।
जानिए कार्रवाई का यह है प्रविधान
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ओवरलोड वाहन पकड़े जाने के बाद वाहन चालक के खिलाफ कंपाउंटेबल फाइन करता है। उदाहरण के रूप में एक टन ओवरलोड वाहन पर नौ हजार रुपये, एक टन से अधिक ओवरलोड है तो पहले टन का नौ हजार रुपये तथा उसके बाद प्रति टन तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला जाता है। इसके साथ ही ओवरलोड पकड़े जाने पर वाहन चालक के खिलाफ दंडनीय अपराध भी दर्ज करना है लेकिन सिर्फ खानापूर्ति के नाम पर कार्यवाई कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।


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