गढ़वा: खाड़ी देशों (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और भारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दिनों कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा और तीखा असर भारत में भी देखने को मिला है, जहां हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस चौतरफा बढ़ती महंगाई और ईंधन के खर्च के बीच झारखंड के गढ़वा जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक सहायक शिक्षक ने रोज-रोज के पेट्रोल खर्च से तंग आकर अपनी बाइक खड़ी कर दी है और उसकी जगह घोड़े की सवारी शुरू कर दी है। गढ़वा जिले के धुरकी ब्लॉक स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी में कार्यरत सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्तमान में चलाए जा रहे राष्ट्रीय जनगणना और मकान सूचीकरण (House Listing) अभियान में उनकी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य के तहत उन्हें हर मौसम में गांव-गांव और सुदूर इलाकों में घर-घर जाकर नागरिकों का सटीक डाटा एकत्र करना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर का सफर तय करना होता है। लेकिन पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने शिक्षक मुन्ना प्रसाद के दैनिक घरेलू बजट के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी थी। ऐसे में उन्होंने अपनी सूझबूझ से बाइक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया और घोड़े पर सफर करना शुरू कर दिया। अब वह अपनी पूरी गरिमा के साथ सफेद यूनिफॉर्म पहनकर, सिर पर सरकारी जनगणना की आधिकारिक टोपी लगाकर और गले में अपना पहचान पत्र (ID Card) टांगकर सफेद घोड़े पर सवार होकर गांवों की गलियों में पहुंच रहे हैं। मुन्ना प्रसाद का कहना है कि जनगणना का काम लगातार कई अलग-अलग और दूर-दराज के गांवों में जाकर करना पड़ता है, जिससे ईंधन पर बहुत भारी खर्च आ रहा था। कीमतों को देखते हुए उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया, जिससे खर्च भी बच रहा है और लोग उन्हें देखकर खुद जनगणना करवाने आगे आ रहे हैं। शिक्षक मुन्ना प्रसाद की यह अनोखी और पर्यावरण अनुकूल पहल अब पूरे गढ़वा इलाके में कौतूहल और चर्चा का मुख्य विषय बन गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी उनका घोड़े पर सवारी करते हुए डेटा कलेक्ट करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स जहां एक तरफ बढ़ती महंगाई पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षक की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रीय काम के प्रति उनके इस अद्भुत समर्पण की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी तकनीकी दिक्कतों का बहाना बनाकर सरकारी काम टाल देते हैं, वहीं मुन्ना प्रसाद ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जो रास्ता चुना है, वह वाकई मिसाल के काबिल है।👨🏫 धुरकी के स्कूल में कार्यरत हैं सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद: जनगणना और मकान सूचीकरण की ड्यूटी में मिला अनोखा आइडिया
🐎 सफेद यूनिफॉर्म और सरकारी टोपी पहनकर निकले घोड़े पर: ईंधन का खर्च बचाने के लिए शिक्षक ने निकाला यह नायाब तरीका
📱 सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है ‘टीचर मुन्ना’ का वीडियो: काम के प्रति समर्पण और सादगी की कायल हुई जनता
यह खबर आपको कैसी लगी?
गढ़वा: खाड़ी देशों (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और भारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दिनों कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा और तीखा असर भारत में भी देखने को मिला है, जहां हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस चौतरफा बढ़ती महंगाई और ईंधन के खर्च के बीच झारखंड के गढ़वा जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक सहायक शिक्षक ने रोज-रोज के पेट्रोल खर्च से तंग आकर अपनी बाइक खड़ी कर दी है और उसकी जगह घोड़े की सवारी शुरू कर दी है।
👨🏫 धुरकी के स्कूल में कार्यरत हैं सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद: जनगणना और मकान सूचीकरण की ड्यूटी में मिला अनोखा आइडिया
गढ़वा जिले के धुरकी ब्लॉक स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी में कार्यरत सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्तमान में चलाए जा रहे राष्ट्रीय जनगणना और मकान सूचीकरण (House Listing) अभियान में उनकी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य के तहत उन्हें हर मौसम में गांव-गांव और सुदूर इलाकों में घर-घर जाकर नागरिकों का सटीक डाटा एकत्र करना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर का सफर तय करना होता है।
🐎 सफेद यूनिफॉर्म और सरकारी टोपी पहनकर निकले घोड़े पर: ईंधन का खर्च बचाने के लिए शिक्षक ने निकाला यह नायाब तरीका
लेकिन पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने शिक्षक मुन्ना प्रसाद के दैनिक घरेलू बजट के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी थी। ऐसे में उन्होंने अपनी सूझबूझ से बाइक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया और घोड़े पर सफर करना शुरू कर दिया। अब वह अपनी पूरी गरिमा के साथ सफेद यूनिफॉर्म पहनकर, सिर पर सरकारी जनगणना की आधिकारिक टोपी लगाकर और गले में अपना पहचान पत्र (ID Card) टांगकर सफेद घोड़े पर सवार होकर गांवों की गलियों में पहुंच रहे हैं। मुन्ना प्रसाद का कहना है कि जनगणना का काम लगातार कई अलग-अलग और दूर-दराज के गांवों में जाकर करना पड़ता है, जिससे ईंधन पर बहुत भारी खर्च आ रहा था। कीमतों को देखते हुए उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया, जिससे खर्च भी बच रहा है और लोग उन्हें देखकर खुद जनगणना करवाने आगे आ रहे हैं।
📱 सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है ‘टीचर मुन्ना’ का वीडियो: काम के प्रति समर्पण और सादगी की कायल हुई जनता
शिक्षक मुन्ना प्रसाद की यह अनोखी और पर्यावरण अनुकूल पहल अब पूरे गढ़वा इलाके में कौतूहल और चर्चा का मुख्य विषय बन गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी उनका घोड़े पर सवारी करते हुए डेटा कलेक्ट करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स जहां एक तरफ बढ़ती महंगाई पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षक की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रीय काम के प्रति उनके इस अद्भुत समर्पण की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी तकनीकी दिक्कतों का बहाना बनाकर सरकारी काम टाल देते हैं, वहीं मुन्ना प्रसाद ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जो रास्ता चुना है, वह वाकई मिसाल के काबिल है।


झारखण्ड




























