पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक चार मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह अचानक ढह गई। गुरुवार सुबह मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। मृतकों में एक 4 महीने की गर्भवती महिला और दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत टीमों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 8 अन्य घायलों का इलाज राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जारी है।
📞 मायके आई गर्भवती महिला और उसकी बेटी बनीं हादसे का शिकार
यह दर्दनाक हादसा सीमापुरी ई-ब्लॉक स्थित मछली मंडी के पास हुआ। हादसे में जान गंवाने वाली 4 माह की गर्भवती गुल्फ़्शा अपनी 3 साल की बेटी जोया के साथ अपने मायके आई हुई थी। परिवार के सदस्यों के घर पर न होने के कारण वह पड़ोसियों के पास बैठी थी, तभी अचानक यह इमारत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबे होने के बावजूद गुल्फ़्शा ने हिम्मत दिखाते हुए अपने एक रिश्तेदार को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर दोनों मां-बेटी ने दम तोड़ दिया।
⚠️ राजधानी में बढ़ते जर्जर इमारतों के हादसे और खड़े होते सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा तथा नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में इमारतें ढहने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन अब इस इमारत के निर्माण मानकों और इसके ढहने के कारणों की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।
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