लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य तथा उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में अपने ऊपर राजद्रोह का केस दर्ज होने से बेहद आहत हैं। संजय सिंह ने मानसून सत्र में इस प्रकरण की शिकायत सभापति, उप राष्ट्रपति वैंकैया नायडू से की है। इस बाबत संजय सिंह ने एक ट्वीट भी किया है।
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि क्या उच्च सदन राज्यसभा में बैठने वाला सदस्य देशद्रोही है। अगर योगी आदित्यनाथ सरकार यह मानती है तो मुझे जेल में डलवा दे। उन्होंने ट्वीट किया कि योगी आदित्यनाथ के कोरोना घोटाले का मुद्दा मैंने राज्य सभा में उठाया तो योगी आदित्यनाथ ने मेरे ऊपर ‘देशद्रोह’ लगा दिया। संसद में मैंने सभापति जी से कहा कि अगर मैं देशद्रोही हूं तो मुझे जेल भेजिये। मेरे उत्तर प्रदेश में इस कदम पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, राष्ट्रीय जनता दल, सीपीएम, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके ने मेरा साथ दिया। सभापति जी उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम के प्रकरण में सदन को कार्यवाही का भरोसा दिया।
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संजय सिंह ने सभापति से शिकायत की है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की शिकायत संजय सिंह ने उपराष्ट्रपति से की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कोरोना किट की खरीद में घोटाले का ब्यौरा सभापति को दिया है। संजय सिंह सभापति के पास उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण हत्याओं का ब्योरा लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्वे कराने पर मेरे ऊपर देशद्रोह का केस लगा है। सभापति ने संजय सिंह को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। संजय सिंह ने मानसून सत्र में इस प्रकरण की शिकायत सभापति, उप राष्ट्रपति वैंकैया नायडू से की है। इस बाबत संजय सिंह ने एक ट्वीट भी किया है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में करीब दो महीने से बेहद सक्रिय होने वाले आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य तथा यूपी प्रभारी संजय सिंह ने योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। वह उत्तर प्रदेश की सरकार पर लगातार हमलावर हैं। संजय सिंह ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर जातिवादी होने का आरोप लगाते हुए लगातार हो रही ब्राह्मणों की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के जातिवादी होने के संबंध में एक फोन सर्वे करवाया।
संजय सिंह के खिलाफ आईटी एक्ट और राजद्रोह का मामला दर्ज
लखनऊ में संजय सिंह के खिलाफ राजद्रोह तथा लखनऊ सहित अन्य 13 शहरों में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। इसके बाद संजय सिंह ने भाजपा के लम्भुआ विधायक देवमणि दुबे के मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए तय दाम से अधिक कीमत पर आक्सीमीटर, थर्मामीटर व अन्य चिकित्सकीय उपकरण खरीदे जाने का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार पर कोरोना घोटाला करने का आरोप लगा दिया। संजय सिंह ने उन्हे सीतापुर में पुलिस के जबरन डिटेन करने के मामले को भी राज्यसभा में उठाते हुए इसे एक सांसद के अधिकारों का हनन बताया है।
जातिगत सर्वे का ऑडियो बनवाने पर केस दर्ज
उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जातिगत सर्वे का ऑडियो बनवाने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज किया है। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में पहले से ही दर्ज मुकदमे में राजद्रोह के साथ साजिश रचने, धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही आइटी एक्ट भी लगाया गया है। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि आम आदमी पार्टी के सांसद को पुलिस ने नोटिस भेजकर 20 सितंबर को पेश होने को कहा है। नोटिस में यह स्पष्ट लिखा है कि अगर संजय सिंह निर्धारित तिथि को आकर पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न वर्गों में वैमनस्यता फैलाने व लोगों की भावनाओं को आहत करने के मामले में जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि संजय सिंह व अन्य ने राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रची है। यही नहीं आरोपितों ने जालसाजी करके सरकार की छवि धूमिल करने का भी प्रयास किया था। संजय सिंह के साथ ही सर्वे करने वाली निजी कंपनी के तीन निदेशकों पर भी राजद्रोह तथा धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई है। हाल ही के दिनों में संजय सिंह के खिलाफ विभिन्न टिप्पणियां करने के मामलों में लगभग 13 मामले दर्ज किए गए हैं।
संजय सिंह ने खुद ही किया था स्वीकार
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने अपने ट्विटर के माध्यम से बताया कि इस जातिगत सर्वे का आयोजन उन्होंने ही करवाया है। उन्होंने एफआइआर की जांच में पैसा बर्बाद नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को जो पूछना है उनसे पूछे।



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