लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। अखिलेश ने ‘बुलडोजर एक्शन’ और ‘फर्जी एनकाउंटर’ के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार वर्चस्व की धाक जमाने के लिए फर्जी एनकाउंटर का सहारा ले रही है और इस माध्यम से समाज में हिंसा की मानसिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
⚖️ एनकाउंटर नहीं, संविधान और सामाजिक न्याय के विरुद्ध षड्यंत्र
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस एनकाउंटर के पीछे सरकार की मर्जी और स्वार्थ जुड़ा हो, वह फर्जी ही होता है। उन्होंने कहा, “फर्जी एनकाउंटर लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध एक बड़ा षड्यंत्र है। यह संविधान द्वारा स्थापित न्याय और सामाजिक न्याय के राज को पूरी तरह नकारता है।” सपा प्रमुख के अनुसार, सरकार अपने संसाधनों की ताकत से सच्चाई को छिपाना चाहती है और फर्जी एनकाउंटर के जरिए आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग को डराने की कोशिश कर रही है।
🚫 नाकाम सरकार की पहचान है ‘फर्जी एनकाउंटर’
अखिलेश ने स्पष्ट रूप से कहा कि फर्जी एनकाउंटर किसी भी सफल सरकार की निशानी नहीं, बल्कि एक ‘नाकाम सरकार’ की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब कोई सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल हो जाती है, तो वह फर्जी एनकाउंटर का रास्ता चुनती है। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है और प्रदेश में जाति व धर्म को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक है।
🧠 हिंसा की मानसिकता को बढ़ावा
सपा चीफ ने एनकाउंटर की प्रक्रिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जनता के ‘मेंटल सॉफ्टवेयर’ को सेट करने की कोशिश की जा रही है, जो रूढ़िवादी मानसिकता को वापस ला रही है कि “शक्ति ही अधिकार है।” उन्होंने हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आज भी उसी तरह की घटनाओं को दोहरा रही है और सच्चाई को दबाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि फर्जी एनकाउंटर से लॉ एंड ऑर्डर कभी नहीं संभलता, बल्कि यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक बिगाड़ता है।
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