बाड़मेर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में बुधवार को कुदरत का अनोखा रंग देखने को मिला। पिछले कई दिनों से 46-47 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से झुलस रहे लोगों को अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि ने बड़ी राहत दी है। बायतु उपखंड क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।
ओलों की सफेद चादर और टीन शेड पर शोर
बायतु के खट्टू, बायतु पनजी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक:
ओलों का आकार: करीब 15 से 20 एमएम तक के ओले गिरे, जिससे रेगिस्तानी रेतीले धोरों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
दहशत और राहत: टीन शेड पर ओलों के गिरने की तेज आवाज से एक बार तो लोग घबरा गए, लेकिन तापमान में आई गिरावट ने जल्द ही इसे सुकून में बदल दिया।
बाड़मेर जिले में बीते एक हफ्ते से सूरज आग उगल रहा था। पारा 47 डिग्री के पार पहुँचने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था। दोपहर के समय सड़कें सूनी हो रही थीं, लेकिन बुधवार की शाम सुहावनी हो गई। ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।47 डिग्री के टॉर्चर से मिली आजादी
क्यों हुआ यह बदलाव? (मौसम विभाग का अनुमान)
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से हवाओं के रुख में बदलाव आया है।
लाभ: मानसून पूर्व की यह बारिश पशुपालकों और किसानों के लिए अमृत समान मानी जा रही है। इससे चारे की समस्या कम होगी और जमीन में नमी बढ़ने से आने वाली खरीफ की बुवाई में मदद मिलेगी।
चेतावनी: विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ और हिस्सों में धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
प्रशासन और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अचानक हुई इस ओलावृष्टि से अब तक किसी जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। टीन शेड और कुछ कच्चे घरों को मामूली नुकसान की आशंका है, लेकिन राहत का पल भारी रहा।नुकसान की खबर नहीं
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