कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार शाम को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है. दिल्ली की स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों नेताओं की रिहाई संभव हो सकी. करीब 7 दिनों तक जेल में रहने के बाद जब वे तिहाड़ की नंबर 4 जेल से बाहर आए, तो उन्होंने मीडिया से किसी भी तरह की कोई औपचारिक बातचीत नहीं की, लेकिन वहां से रवाना होते वक्त उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे जरूर लगाए. आपको बता दें कि 13 अक्टूबर को सुरक्षा घेरा तोड़कर जंतर-मंतर पर पहुँचने के आरोप में पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया था और कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
⚖️ पुलिस की रिमांड मांग हुई खारिज, 50-50 हजार के मुचलके पर अदालत ने दिए रिहाई के आदेश
21 अक्टूबर को एसईएम कोर्ट में दोनों नेताओं की पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत को 3 दिन और बढ़ाने की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने पुलिस के इस अनुरोध को खारिज कर दिया. दोनों पक्षों की दलीलों और जमानत दस्तावेजों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि 50,000 रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और उतनी ही राशि का श्योरिटी बॉन्ड जमा करने पर दोनों को तुरंत रिहा किया जाए. दस्तावेजों की प्राथमिक जांच के बाद रिहाई के आदेश जारी कर दिए गए. इस मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे तय की गई है.
📋 कोर्ट की शर्तें और निर्देश: जमानत के साथ माननी होंगी ये अहम पाबंदियां
अदालत ने दोनों नेताओं की रिहाई के साथ-साथ कुछ सख्त शर्तें और निर्देश भी तय किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा:
जाँच अधिकारी को अगली सुनवाई तक जमानतदारों से जुड़ी वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी.
दोनों प्रतिवादियों (आरोपियों) को अदालत की हर सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा.
सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर जमानतदारों का भी अदालत में मौजूद रहना जरूरी किया गया है.
दोनों व्यक्तियों को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखनी होगी.
अदालत को दिए गए सभी लिखित आश्वासनों का पूरी सख्ती के साथ पालन करना होगा.
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