खंडवा। गुरुवार को कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक में सभी को जल संरक्षण, स्वच्छता और नशा मुक्ति जैसे कार्यों में भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बिना जनभागीदारी के कोई भी कार्यक्रम सफल नहीं हो सकता। कलेक्टर ने कहा कि इंदौर में स्वच्छता अभियान केवल जिला प्रशासन के प्रयासों से सफल नहीं हुआ है, बल्कि वहां के नागरिकों के कर्तव्यबोध एवं स्वच्छता के प्रति उनकी भागीदारी के कारण ही सफल हुआ है। बैठक में सहायक कलेक्टर सुश्री शिल्पा चौहान, जन अभियान परिषद के इंदौर संभाग के संभागीय समन्वयक अमित शाह, शासी निकाय सदस्य विनोद मोहने, जिला समन्वयक जगदीश पटेल तथा विभिन्न विकासखंडों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
🌧️ ‘रूफ वाटर हार्वेस्टिंग’ से बचा सकते हैं लाखों रुपये का पानी
कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि जन अभियान परिषद की ‘नवांकुर’ संस्थाएं तथा ‘प्रस्फुटन’ समितियां ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नवांकुर संस्थाओं को ‘रूफ वाटर हार्वेस्टिंग’ और जल संरक्षण के महत्व का प्रचार-प्रसार करने के लिए और कार्य करने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने समझाया कि रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से हम 7-8 हजार रुपये खर्च कर अगले 20-25 वर्षों में लाखों रुपये का पानी व्यर्थ बहने से बचा सकते हैं। इस पानी से हमारे गांव और शहर के जल स्रोत रिचार्ज होकर बारह महीने पानी देने योग्य बनेंगे। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित खेल मैदानों के निचले हिस्से में रिचार्ज पिट बनाकर हम पूरे खेल मैदान से बहने वाले पानी को भू-जल स्रोत के पुनर्भरण के उपयोग में ला सकते हैं।
🦅 ‘पंख’ कार्यक्रम से स्वैच्छिक संगठनों को किया जाएगा सशक्त
जन अभियान परिषद के इंदौर संभाग के संभागीय समन्वयक ने बताया कि “दृष्टि” योजना के अंतर्गत संचालित “पंख” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के स्वैच्छिक संगठनों को एक मजबूत मंच प्रदान करना और उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना है। इसका उद्देश्य स्वैच्छिक संगठनों को सशक्त बनाना और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठनों की कार्य पद्धति को मॉडल के रूप में अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। शासी निकाय सदस्य श्री मोहने ने कहा कि पंख कार्यक्रम के तहत वन एवं जल का संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती प्रोत्साहन और नशामुक्ति के क्षेत्र में स्वैच्छिक संगठनों की मदद ली जाएगी। प्रत्येक जिले में सक्रिय संगठनों की एक विस्तृत “जिला स्तरीय डायरेक्टरी” तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी हो।
🌊 ग्रामीण क्षेत्रों में जारी है ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत कार्य
जिला समन्वयक ने इस अवसर पर बताया कि मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बोरी बंधान निर्माण, जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए प्रेरित करने वाले दीवारों पर नारे लेखन, ग्रीष्म ऋतु में प्याऊ स्थापित करने जैसे कार्य नवांकुर संस्थाओं तथा प्रस्फुटन समितियों द्वारा किए जा रहे हैं। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल स्रोतों के आसपास व नदी के घाटों पर साफ-सफाई, जल स्रोतों के गहरीकरण और जीर्णोद्धार जैसे कार्य भी जन अभियान परिषद के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार किए जा रहे हैं।
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