मुंबई (अनिल बेदाग)। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के बीच, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले को एक नई हरित पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल सामने आई है। ‘ग्रीन गढ़चिरौली मिशन’ के तहत, सुरजागढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और एमआईएएम (MIAM) चैरिटेबल ट्रस्ट ने महाराष्ट्र सरकार को 5,00,000 पौधे समर्पित किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह केवल एक वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि एक व्यापक मिशन है जो प्रकृति संरक्षण, आजीविका सृजन और सामाजिक विकास को एक साथ जोड़ता है।
🤝 उपमुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई महत्वाकांक्षी योजना
मुंबई में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान, एमआईएएम चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक और सुरजागढ़ इस्पात की निदेशक नीता जोशी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रस्तुत किया। मिशन के तहत लगाए जाने वाले ये 5,00,000 पौधे न केवल गढ़चिरौली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि जैव विविधता को संरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
👩🌾 पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को मिल रहा रोजगार
इस पहल की सबसे खास बात इसमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी है, जो इन पौधों के उत्पादन, रोपण और रखरखाव का कार्य कर रहे हैं। इस परियोजना ने अब तक 200 से अधिक महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं और सैकड़ों आदिवासी परिवारों के लिए आजीविका के नए रास्ते खोले हैं। पर्यावरण संरक्षण को ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण के साथ जोड़कर, इस मॉडल को गढ़चिरौली के लिए एक हरित, आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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