मुंबई (अनिल बेदाग)। भारतीय स्वतंत्र सिनेमा आज वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान गढ़ रहा है और इसी यात्रा में मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘अनफिनिश्ड वॉइस’ (Unfinished Voice) एक उल्लेखनीय उपलब्धि बनकर उभरी है। रुद्र स्टूडियो के बैनर तले बनी और राहुलसोनू श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने मार्शे डू फिल्म, फेस्टिवल डी कान्स 2026 में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म गुमनाम मोबाइल कॉल्स के पीछे छिपे मानसिक दबाव, भय और भावनात्मक संघर्षों को बेहद संवेदनशील और रोमांचक अंदाज में प्रस्तुत करती है।
✨ निर्देशक राहुलसोनू श्रीवास्तव के लिए सपने के साकार होने जैसा पल
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी मनोवैज्ञानिक गहराई है, जो दर्शकों को केवल रोमांचित ही नहीं करती बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती है। कान्स में हुई स्क्रीनिंग निर्देशक राहुलसोनू श्रीवास्तव के लिए एक सपने के साकार होने जैसा क्षण थी। आधिकारिक कान्स स्क्रीनिंग टिकट पर अपना नाम देखना उनके वर्षों के संघर्ष, समर्पण और रचनात्मक जुनून का प्रतीक बन गया।
🌍 स्वतंत्र भारतीय सिनेमा ने वैश्विक मंच पर पेश की नई मिसाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना के बाद मुंबई में हुए विशेष प्रदर्शन में भी फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। ‘अनफिनिश्ड वॉइस’ यह साबित करती है कि मजबूत विषय, ईमानदार कहानी और संवेदनशील प्रस्तुति के दम पर भारतीय स्वतंत्र सिनेमा दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना सकता है।
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