इंदौर: मध्य प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा इंदौर-1 से एक हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के ‘आजीवन सहयोग निधि’ अभियान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि इंदौर-1 से जुटाई गई राशि का आंकड़ा शहर की अन्य विधानसभाओं के मुकाबले काफी कम है। इस खुलासे के बाद प्रदेश संगठन ने सख्ती दिखाते हुए सभी जिला अध्यक्षों से विधानसभावार विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है अभियान
11 फरवरी से शुरू हुआ यह निधि संग्रहण अभियान अब 30 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। अभियान के प्रभारी विधायक गोलू शुक्ला और सह-प्रभारी हरप्रीत सिंह बक्शी अब तक के कलेक्शन का अंतिम हिसाब तैयार करने में जुटे हैं। अब तक कुल 4.60 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 11 लाख रुपये ही कम हैं।
विधानसभावार आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
जब विधानसभा वार सूची तैयार की गई, तो कुछ दिलचस्प और चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:
इंदौर-1 (कैलाश विजयवर्गीय): यहाँ से अब तक सबसे कम मात्र 48 लाख रुपये की राशि ही जमा हुई है।
इंदौर-3 (राकेश गोलू शुक्ला): शहर की सबसे छोटी विधानसभा होने के बावजूद यहाँ से 69 लाख रुपये जुटाए गए।
राऊ विधानसभा: यहाँ केवल 8 वार्ड होने के बाद भी अब तक 30 लाख रुपये जमा हो चुके हैं।
संगठन द्वारा विधानसभावार आंकड़े मांगने के पीछे असली मंशा विधायकों की सक्रियता को मापना है। प्रदेश संगठन यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किस विधायक ने कितनी मेहनत की और किसका कार्यकर्ताओं पर कितना प्रभाव रहा। इंदौर-1 जैसे बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्र का पिछड़ना पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है।संगठन की ‘परफॉर्मेंस’ रिपोर्ट पर नजर
अभियान का लक्ष्य
बीजेपी हर साल संगठन को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए ‘आजीवन सहयोग निधि’ अभियान चलाती है। इस बार के अभियान में इंदौर जिले का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है, लेकिन विधानसभावार असमानता ने नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। 30 अप्रैल के बाद फाइनल रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा, जिससे स्थिति और अधिक साफ हो जाएगी।
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