गुवाहाटी/नई दिल्ली: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अगले महीने अपनी पहली भारत यात्रा पर आ रही हैं। 1 से 3 जुलाई के बीच प्रस्तावित इस दौरे में वे असम के गुवाहाटी में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सालाना समिट में हिस्सा लेंगी। ताकाइची के साथ 50 सदस्यीय बिजनेस लीडर्स का प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें सुजुकी मोटर के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी भी शामिल हैं।
📍 वेन्यू के रूप में गुवाहाटी का महत्व
गुवाहाटी को इस हाई-प्रोफाइल बैठक के लिए चुने जाने के पीछे भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति मुख्य आधार है। जापान पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में प्रमुख साझेदार है। आमतौर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की बैठकें दिल्ली या अहमदाबाद में होती हैं, लेकिन गुवाहाटी का चयन यह दर्शाता है कि भारत सरकार पूर्वोत्तर को विकास का नया केंद्र बनाना चाहती है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन जापानी पीएम शिंजो आबे का गुवाहाटी दौरा विरोध प्रदर्शनों के कारण रद्द हो गया था, जिसे अब ताकाइची की यात्रा पूरा करेगी।
🤝 आर्थिक सुरक्षा और रक्षा संबंधों पर जोर
ताकाइची और पीएम मोदी के बीच पिछले 8 महीनों में कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सुरक्षा, डिफेंस सहयोग और ‘टैलेंट एक्सचेंज’ को बढ़ाने पर सहमति रही है। भारत को उम्मीद है कि ताकाइची अपने पूर्ववर्तियों (विशेषकर शिंजो आबे) की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए 10 साल के रक्षा और आर्थिक रोडमैप को मजबूती देंगी।
👩💼 कौन हैं सनाए ताकाइची?
सनाए ताकाइची जापान की एक प्रभावशाली रूढ़िवादी नेता हैं। वे एलडीपी पार्टी की पॉलिसी रिसर्च काउंसिल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं और जापान की सबसे लंबे समय तक आंतरिक मामलों की मंत्री (होम मिनिस्टर) रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। 2022 से 2024 तक आर्थिक सुरक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अगस्त 2025 में हुए समझौतों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना उनके कार्यकाल की बड़ी प्राथमिकता होगी।
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