खंडवा। श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय खंडवा में ‘डे केयर सेंटर’ कीमोथेरेपी यूनिट स्थापित की गई है। कैंसर प्रोग्राम नोडल अधिकारी डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पुराने आई.सी.यू. वार्ड में कुल 4 बेड का कीमोथेरेपी यूनिट संचालित किया जा रहा है। यहां मरीजों को सुबह भर्ती कर कीमोथेरेपी दी जाती है तथा शाम तक डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
💸 महंगे अस्पतालों के चक्कर से मिली मुक्ति, निःशुल्क मिल रही सुविधा
उन्होंने बताया कि पहले खंडवा के मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों में जाना पड़ता था। वहां मरीज के साथ-साथ परिजनों के आने-जाने और रूकने पर काफी खर्चा होता था। अब खंडवा के सरकारी अस्पताल में ही यह सुविधा निःशुल्क मिलने से मरीजों को काफी राहत मिली है। गुरुवार को भी कुल 4 मरीजों को कीमोथेरेपी यूनिट में भर्ती कर कैंसर प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. विशाल श्रीवास्तव के ऑब्जर्वेशन में कीमोथेरेपी दी गई।
💊 20 प्रकार की दवाइयां फ्री, कई तरह के कैंसर का हो रहा इलाज
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पर 20 प्रकार की दवाइयां तथा इंजेक्शन भी शासन की तरफ से उपलब्ध हैं, जो बहुत महंगे होते हैं, पर मरीज को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की कीमोथेरेपी यूनिट में सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, ओरल कैंसर, पेट का कैंसर, आहार नली का कैंसर, पैंक्रियाज का कैंसर एवं अन्य प्रकार के कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी सुविधा प्रदान की जाती है।
🩺 सीटी स्कैन, बायोप्सी और नियमित ‘फॉलोअप’ की है व्यवस्था
उन्होंने बताया कि कैंसर के मरीज फॉलोअप के लिए भी जिला अस्पताल में नियमित रूप से आते हैं, तथा उनका हर 3 एवं 6 महीने में फॉलोअप किया जाता है। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन एवं बायोप्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि जिन मरीजों को रेडिएशन उपचार की जरूरत पड़ती है, उन्हें इंदौर या अन्य बड़े शहरों में भेजना पड़ता है।
👩🦰 मुंबई में चल रहा था इलाज, अब खंडवा में आयुष्मान कार्ड से मिल रहा फायदा
गुरुवार को खंडवा के जिला अस्पताल में दूध तलाई निवासी 65 वर्षीय नुसरत बानो अपनी बेटी शिबा नाज के साथ कीमोथेरेपी कराने आई थीं। नुसरत बानो ने बताया कि उनका 2019 से मुंबई में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज चल रहा है, जिसमें काफी खर्चा हो गया। जबसे उन्हें जिला चिकित्सालय खंडवा में ही कीमोथेरेपी की निःशुल्क सुविधा के बारे में पता चला, वे नियमित रूप से खंडवा के अस्पताल में ही कीमोथेरेपी करवा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘आयुष्मान कार्ड’ धारक होने से इंजेक्शन एवं दवाइयां भी उन्हें निःशुल्क मिल रही हैं। नुसरत बानो ने नोडल अधिकारी डॉ. विशाल श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल एवं नर्सिंग ऑफिसर ममता कनाडे सहित संबंधित डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आभार प्रकट किया।
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