नागपुर: महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से सबसे अहम माने जाने वाले नागपुर स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं, जहां कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने एक बार फिर शानदार जीत का परचम लहराया है। इस कड़े मुकाबले में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुधाकर कोहले को पराजित किया है। खास बात यह है कि अभिजीत वंजारी लगातार दूसरी बार विधान परिषद के सदस्य (MLC) के रूप में चुने गए हैं। मतगणना के दौरान दूसरी पसंद (Second Preference) के वोटों की गिनती में निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए उन्होंने अपनी पिछली जीत को इस बार भी दोहराया है। अपनी इस महत्वपूर्ण जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस चुनाव को जीतने के लिए विपक्षी पार्टी यानी भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
‘पूरी ताकत और तमाम बड़े नेता नागपुर में डटे रहे, फिर भी मतदाताओं और महाविकास आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने दिलाई जीत’
अपनी जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को देते हुए कांग्रेस विधायक अभिजीत वंजारी ने कहा कि नागपुर की इस प्रतिष्ठापूर्ण सीट के लिए पूरे महाराष्ट्र के भाजपा के दिग्गज नेता बीते 5 अक्टूबर से लगातार नागपुर में ही डेरा डाले हुए थे। सत्ता पक्ष ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, इसके बावजूद प्रदेश के मतदाता पूरी मजबूती से हमारे साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और ‘महाविकास आघाड़ी’ (MVA) के तमाम निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल हुआ है, और यह जीत असल मायनों में उन्हीं कर्मठ कार्यकर्ताओं को समर्पित है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का तीखा तंज, बोले- ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्रीय मंत्रियों के गढ़ में फूटा भाजपा के भ्रम का गुब्बारा’
इस बड़ी जीत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले सत्तापक्ष का भ्रम का गुब्बारा अब आखिरकार फूट चुका है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद की महत्वपूर्ण सीटों पर महाविकास आघाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्य मुख्यालय तथा प्रदेश के कद्दावर नेता व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह नगर नागपुर में कांग्रेस पार्टी ने लगातार दूसरी बार भाजपा को करारी शिकस्त दी है। उन्होंने आगे कहा कि पांच में से तीन सीटों पर कब्जा जमाकर महाआघाड़ी ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन को तगड़ा झटका दिया है। भाजपा के पास अथाह सत्ता, प्रचुर धनबल और पूरी प्रशासनिक ताकत होने के बावजूद उन्हें इस हार का मुंह देखना पड़ा।
क्या रहा है इस वीआईपी सीट का राजनीतिक इतिहास? 58 साल का सूखा खत्म कर कांग्रेस ने बदला था समीकरण
राजनीतिक इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो 1960 के दशक से लेकर वर्ष 2020 तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर अमूमन भारतीय जनता पार्टी और उसकी वैचारिक मातृ संस्था जनसंघ का एकछत्र प्रभाव और दबदबा रहा था। इस सीट का प्रतिनिधित्व अतीत में देश के मौजूदा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता कर चुके हैं। वर्ष 1978 में गंगाधरराव फडणवीस यहां से जनता पार्टी के टिकट पर चुने गए थे, तो वहीं वर्ष 1990 में नितिन गडकरी ने इसी सीट से जीत दर्ज कर विधान परिषद में कदम रखा था और लंबे समय तक इसका प्रतिनिधित्व संभाला था। इसके बाद 2014 के चुनाव में भाजपा के अनिल सोले यहां से निर्वाचित हुए थे। हालांकि, राजनीतिक समीकरणों को बदलते हुए वर्ष 2020 में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के तत्कालीन उम्मीदवार संदीप जोशी को शिकस्त देकर एक नया इतिहास रच दिया था, जब कांग्रेस ने करीब 58 लंबे वर्षों के बाद यह सीट भाजपा और उसकी पूर्ववर्ती पार्टी के कब्जे से छीनी थी।
महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल पांच सीटों के नतीजों में महाविकास आघाड़ी का पलड़ा रहा भारी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधान परिषद की हालिया पांच सीटों पर हुए चुनावों के जो समग्र परिणाम सामने आए हैं, उनमें महाविकास आघाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 3 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है, जबकि सत्ताधारी महायुति गठबंधन के खाते में 2 सीटें आई हैं। इस चुनावी नतीजे से राज्य के सियासी गलियारों में एक बार फिर नए समीकरणों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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