खंडवा। मां वह है जो सबकी जगह ले सकती है, लेकिन जिसकी जगह कोई और नहीं ले सकता। मां घर की धड़कन होती है और उसके बिना घर में कोई जान नहीं होती। मां का प्यार एक दिशासूचक यंत्र की तरह होता है जो जीवन की यात्रा में हमारा मार्गदर्शन करता है। मां भगवान और प्रथम गुरु होती है। यह बात सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने मातृ दिवस के मौके पर उपस्थित सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कही।
🗣️ ‘मां सिर्फ जन्मदात्री नहीं, सबसे अच्छी दोस्त भी है’
इस दौरान श्री तोमर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मां सिर्फ मां ही नहीं होती, बल्कि हमारी सबसे अच्छी दोस्त भी होती है। कार्यक्रम में सुरेंद्र गीते और अनूप शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं, श्री चौधरी एवं श्री शाक्य ने मां पर अपनी सुंदर कविताएं सुनाईं।
👥 गोष्ठी, कविता और गीतों के माध्यम से मातृ शक्ति को किया नमन
इस दौरान पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, सुरेंद्र गीते, पं. कृष्ण कुमार व्यास, राधेश्याम शाक्य, देवेंद्र जैन, निर्मल मंगवानी, त्रिलोक चौधरी, अनूप शर्मा, ललित चौरे, गणेश भावसार, सतीश मुदीराज, महेश मूलचंदानी, धीरज नेगी, जीडी सराफ, डॉ. एमएम कुरैशी, कमल नागपाल, अशोक जैन, सुभाष मीणा, रजत सोहनी और कैलाश पटेल आदि सहित अनेक मंच सदस्यों ने विचार गोष्ठी, कविता एवं गीत के माध्यम से मां को नमन किया।
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