अयोध्या: राम मंदिर चंदे में कथित गबन के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और SIT ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में नामजद सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। प्रमुख आरोपी राम शंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ के घर से पुलिस ने ज्वैलरी, कैश और प्रॉपर्टी से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं।
📋 SIT जांच में सामने आई अनियमितताएं
चंदा गबन का विवाद 7 जून को तब शुरू हुआ जब सपा नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक के गबन का दावा किया। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। 15 से 20 जून के बीच हुई प्रारंभिक जांच में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई नकदी और कीमती वस्तुओं के प्रबंधन में प्रथम दृष्टया भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।
⚖️ 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR
जांच रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। मुख्य आरोपियों में राम शंकर यादव (टिन्नू), अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं। मिल्कीपुर स्थित आरोपियों के पैतृक घरों पर पुलिस ने बारीकी से छानबीन की है और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।
🙏 राम मंदिर ट्रस्ट का बयान: ‘निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध’
इस पूरे प्रकरण पर राम मंदिर ट्रस्ट ने गहरा दुख व्यक्त किया है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि वे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए वे कड़े प्रशासनिक और सुरक्षात्मक कदम उठाएंगे।
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