यमुनानगर : यमुनानगर में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जनजीवन और किसानों की मेहनत दोनों को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और तूफान के बाद हुई जोरदार बारिश ने जगाधरी की अनाज मंडी में भारी नुकसान पहुंचाया है। मंडी में खुले में रखी गेहूं की बोरियां बारिश के पानी में भीग गईं, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
मंडी में गेहूं की आवक अपने चरम पर है और लगभग 90 फीसदी फसल मंडियों में पहुंच चुकी है। ऐसे में मौसम की इस मार ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। किसानों का आरोप है कि आढ़तियों और मार्केट कमेटी की ओर से पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए गए थे, जिसके चलते उनकी फसल को नुकसान उठाना पड़ा। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया कि उनकी कुछ गेहूं जरूर भीग गई है, जिससे गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते उचित इंतजाम नहीं किए गए, तो इस तरह की घटनाएं सरकार को भी भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं। अब सवाल उठता है कि जब मौसम विभाग पहले ही अलर्ट जारी करता है, तो फिर मंडियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए जाते? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस नुकसान की भरपाई करेंगे, या फिर एक बार फिर किसान ही इस मार को सहने के लिए मजबूर होगा?
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