खंडवा | राजनीतिक एवं धार्मिक समाचार
दिल्ली में लोकसभा सत्र के बाद खंडवा पहुंचे सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने एक ओर जहां कांग्रेस और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला, वहीं दूसरी ओर दादाजी धुनीवाले मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। ‘गांव-बस्ती चलो’ अभियान के तहत सांसद ने वार्डों का दौरा कर जनता की समस्याएं सुनीं।
🥊 ‘जीतू पटवारी को उनकी पार्टी ही गंभीरता से नहीं लेती’ – सांसद पाटिल
पत्रकारों से चर्चा में सांसद पाटिल ने कांग्रेस के प्रस्तावित 9 अप्रैल के कलेक्ट्रेट घेराव आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीतू पटवारी को उनकी ही पार्टी गंभीरता से नहीं लेती, ऐसे में न आंदोलन की जरूरत पड़ेगी और न कलेक्ट्रेट घेरने की। उन्होंने कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मध्यप्रदेश ने गेहूं उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को पीछे छोड़ा है। पाटिल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए किसानों के लिए क्या किया।
🛕 अगले 3 साल में पूरा होगा दादाजी मंदिर का निर्माण, रुका हुआ काम फिर होगा शुरू
राजनीतिक बयानबाजी के बीच सांसद पाटिल जिला पंचायत सभागृह में दादाजी धुनीवाले मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य अगले दो से ढाई महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। हाल ही में फाउंडेशन के माप में अंतर आने के कारण काम कुछ समय के लिए रुका था, जिसकी विशेषज्ञ टीम जांच कर रही है। समिति ने गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के बाद जल्द ही पत्थरों की खरीदी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। मंदिर निर्माण को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
🤝 विकास और आस्था का संगम, बैठक में ये रहे मौजूद
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि सांसद के दौरे और बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के मार्गदर्शन में विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। मंदिर निर्माण समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद संकल्प मजबूत है और कार्य को समयसीमा में पूरा करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान सांसद श्री पाटिल के साथ प्रवक्ता सुनील जैन, चंद्रेश पचौरी और पवन जैन भी उपस्थित थे। सांसद ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और किसानों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह खबर आपको कैसी लगी?


खंडवा




























