मणिपुर: मणिपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। चुराचांदपुर और बिष्णुपुर जिले के दौरे के बाद उन्होंने उपद्रवियों और अवैध हथियार रखने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षा बलों पर हमला करने वालों के खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
🔫 हथियारों की बरामदगी पर बड़ा अपडेट
डीजीपी मुकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि राज्य में उपद्रव के दौरान लूटे गए हथियारों में से अब तक लगभग 70 प्रतिशत हथियार बरामद कर लिए गए हैं। बाकी बचे अवैध हथियारों को ढूँढने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान युद्धस्तर पर जारी है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि हथियार रखने वाले संदिग्धों को गिरफ्तार करने के सख्त आदेश दिए गए हैं, और यदि किसी ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, तो बल ‘आत्मरक्षा’ में जवाबी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।
📱 अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी
सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों को लेकर भी पुलिस बेहद सख्त है। डीजीपी ने बताया कि राज्य में एक ‘सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल’ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह सेल उन लोगों और वेबसाइटों की पहचान कर रहा है जो समुदायों के बीच संघर्ष बढ़ाने या राष्ट्र-विरोधी सामग्री प्रसारित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
🤝 सुरक्षा बलों और नागरिक संगठनों के साथ बैठक
डीजीपी ने अपनी यात्रा के दौरान बिष्णुपुर और चुराचांदपुर में सेना, असम राइफल्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने जिला पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि मादक पदार्थों की बरामदगी और सशस्त्र उपद्रवियों की गिरफ्तारी में पुलिस का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। बैठक में सभी नागरिक संगठनों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की गई।
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