पाकुड़: महेशपुर प्रखंड के ग्वालपाड़ा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रिहायशी मकान में जहरीला सांप देखा गया। घर के मालिक सोनू कुमार ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांप की पहचान ‘मोनोकल्ड कोबरा’ के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 5 साल बताई जा रही है।
⚠️ क्यों है मोनोकल्ड कोबरा सबसे अलग?
स्नेक एक्सपर्ट्स के अनुसार, मोनोकल्ड कोबरा सांपों की सबसे खतरनाक प्रजातियों में से एक है। इसकी खासियत यह है कि यह दूर से ही अपने जहर को फेंकने में सक्षम है, जिससे पलक झपकते ही किसी की जान जा सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कोबरा बेहद आक्रामक होता है और इसे देखते ही तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। इसे छेड़ना या पास जाने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है।
🏠 मानसून और सांपों का खतरा
वनकर्मी असराफुल शेख ने बताया कि मौजूदा मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर शिकार की तलाश में निकलते हैं। इसी दौरान वे अक्सर रिहायशी इलाकों और घरों के भीतर घुस जाते हैं। चूंकि बारिश के दिनों में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों की ओर रुख करते हैं।
💡 सावधानियां और बचाव
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सतर्कता: घर के आसपास झाड़ियों को साफ रखें और अंधेरे कोनों में टॉर्च का उपयोग करें।
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छेड़छाड़ न करें: यदि घर में सांप दिखे, तो उसे खुद पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें।
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सूचना दें: तुरंत स्थानीय वन विभाग या स्नेक कैचर को सूचना दें।
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सुरक्षित दूरी: हमेशा सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि वह बचाव की मुद्रा में आप पर हमला न करे।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और कोबरा को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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