तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीनों से जारी तनाव को थामने के लिए एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है। दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनती दिख रही है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस समझौते के मसौदे में 14 महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही तनातनी को कम कर सकते हैं।
💰 आर्थिक राहत और 300 अरब डॉलर का प्रस्ताव
समझौते के मसौदे के अनुसार, ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देश 300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा, विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की 24 अरब डॉलर की संपत्ति भी जारी की जाएगी। मसौदे में यह भी उल्लेख है कि ईरानी तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर लगे कड़े प्रतिबंधों को हटाया जाएगा, जिससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में पुनः तेल का निर्यात कर सकेगा।
⚓ सुरक्षा और सैन्य दखलअंदाजी पर शर्तें
समझौते की प्रमुख शर्तों में शामिल है:
नौसैनिक नाकेबंदी: अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा, जिसके बदले ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलेगा।
हस्तक्षेप पर रोक: अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति न बढ़ाने पर सहमत हो सकता है।
नए प्रतिबंधों पर रोक: बातचीत की अवधि के दौरान कोई भी नया आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
हालांकि यह प्रस्ताव शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन अभी भी कई जटिल मुद्दे अनसुलझे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर दीर्घकालिक और सख्त नियंत्रण स्वीकार करे, जबकि ईरान अपनी संपूर्ण संपत्तियों की बहाली और प्रतिबंधों से पूर्ण मुक्ति की मांग पर अड़ा है। आगामी 60 दिनों की वार्ता इन दोनों देशों के संबंधों के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगी।🧩 अभी भी बरकरार हैं चुनौतियां
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