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कोरोना महामारी के कारण सऊदी अरब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करेगा G-20 सम्मेलन का आयोजन

दुबई। सऊदी अरब ने घोषणा की है कि कोरोना महामारी के कारण नवंबर में जी-20 सम्मेलन (G-20 Summit) का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा। सोमवार को सऊदी की तरफ से इसका एलान किया गया है। बता दें कि इस बार सऊदी अरब जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा, जिसमें 20 देशों के नेता शामिल होंगे।

सऊदी ने कोरोना महामारी की शुरूआत से पहले जी-20 सम्मेलन के रियाद में आयोजित करने की योजना बनाई थी। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman) दुनियाभर के 20 देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों को संबोधित करेंगे, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होंगे। पिछले साल 2019 में जी- 20 सम्मेलन का चौदहवां संस्करण जापान के ओसाका में आयोजित किया गया था। 28 जून से 29 जून 2019 तक ओसाका में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में इसका आयोजन हुआ था। बता दें कि यह जापान में आयोजित होने वाला पहला G-20 शिखर सम्मेलन था

क्या है G-20 सम्मेलन

G-20 सम्मेलन वित्तीय बाजारों और विश्व अर्थव्यवस्था के सम्मेलन के रूप में जाना जाता हैं। इसमें शामिल 20 देश दुनिया की कुल जीडीपी के 80 फीसद से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले सालों में जी 20 देशों ने वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर खूब काम किया है। हाल में हुए जी 20 सम्मेलनों में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों के अलावा वैश्विक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, आतंकवाद, जल संकट जैसे मुद्दों को सम्मेलनों में प्रमुख्ता से उठाया गया है।

G-20 में ये देश हैं शामिल

अर्जेंटीना, चीन, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, भारत, इटली, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, कोरिया गणराज्य, तुर्की, अमेरिका, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन शामिल है। जी-20 में दुनिया का 80 फीसद व्यापार, दो-तिहाई जनसंख्या और दुनिया का करीब आधा हिस्सा शामिल है।

दुबई। सऊदी अरब ने घोषणा की है कि कोरोना महामारी के कारण नवंबर में जी-20 सम्मेलन (G-20 Summit) का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा। सोमवार को सऊदी की तरफ से इसका एलान किया गया है। बता दें कि इस बार सऊदी अरब जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा, जिसमें 20 देशों के नेता शामिल होंगे।

सऊदी ने कोरोना महामारी की शुरूआत से पहले जी-20 सम्मेलन के रियाद में आयोजित करने की योजना बनाई थी। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman) दुनियाभर के 20 देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों को संबोधित करेंगे, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होंगे। पिछले साल 2019 में जी- 20 सम्मेलन का चौदहवां संस्करण जापान के ओसाका में आयोजित किया गया था। 28 जून से 29 जून 2019 तक ओसाका में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में इसका आयोजन हुआ था। बता दें कि यह जापान में आयोजित होने वाला पहला G-20 शिखर सम्मेलन था

क्या है G-20 सम्मेलन

G-20 सम्मेलन वित्तीय बाजारों और विश्व अर्थव्यवस्था के सम्मेलन के रूप में जाना जाता हैं। इसमें शामिल 20 देश दुनिया की कुल जीडीपी के 80 फीसद से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले सालों में जी 20 देशों ने वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर खूब काम किया है। हाल में हुए जी 20 सम्मेलनों में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों के अलावा वैश्विक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, आतंकवाद, जल संकट जैसे मुद्दों को सम्मेलनों में प्रमुख्ता से उठाया गया है।

G-20 में ये देश हैं शामिल

अर्जेंटीना, चीन, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, भारत, इटली, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, कोरिया गणराज्य, तुर्की, अमेरिका, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन शामिल है। जी-20 में दुनिया का 80 फीसद व्यापार, दो-तिहाई जनसंख्या और दुनिया का करीब आधा हिस्सा शामिल है।

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