बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में अपराध और अपराधियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक मुहिम शुरू की गई है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय 12 शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है, जिससे माफिया और बदमाशों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराध की दुनिया में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पहले पुलिस विभाग का हिस्सा ही क्यों न रहा हो।
🚔 बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा बना पुलिस की पहली प्राथमिकता
इस सूची में सबसे चर्चित नाम भमोरा थाना क्षेत्र के लंगुरा गांव निवासी सुरकेश शर्मा का है। सुरकेश पहले यूपी पुलिस में सिपाही था, लेकिन अपने काले कारनामों और संगीन आपराधिक गतिविधियों के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया था। सुरकेश पर रेप, रंगदारी और मारपीट जैसे 17 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। अब बरेली पुलिस उसकी हर संदिग्ध हरकत पर ‘तीसरी आंख’ से नजर रखेगी।
🕵️ किन-किन अपराधियों पर कसा शिकंजा?
एसएसपी के सख्त निर्देशों के तहत 12 अपराधियों की निगरानी सूची तैयार की गई है:
भमोरा थाना: डकैती और वाहन चोरी के मामलों में धर्मेंद्र, मैकूलाल और नूरहसन।
देवरनियां थाना: गोकशी के मामलों में विकार अहमद, महताब, चंदा और उस्मान शाह उर्फ राजा।
किला थाना: गोकशी के संगीन आरोपों में आबिद उर्फ बाबू और राशिद।
सीबीगंज थाना: रहीस (निगरानी सूची में शामिल)।
अलीगंज थाना: गोकशी और हत्या के प्रयास में राजवीर सिंह।
एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया है कि हिस्ट्रीशीट खोलना महज एक कागजी प्रक्रिया नहीं है। स्थानीय थानों को इन अपराधियों की हाजिरी और चेकिंग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि खाकी का नाम बदनाम करने वाले किसी भी दोषी या रसूखदार अपराधी को किसी भी स्तर पर नरमी नहीं दी जाएगी। बरेली पुलिस का एकमात्र उद्देश्य जनता को ‘भयमुक्त और सुरक्षित माहौल’ प्रदान करना है।👁️ अपराध मुक्त बरेली: पुलिस की सीधी चेतावनी
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