खंडवा। मुंबई में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला एक नाबालिग बच्चा पसंदीदा स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से इतना नाराज हो गया कि वह घर छोड़कर बिना टिकट ट्रेन से अपनी माता के पास जाने के लिए निकल पड़ा। टिकट जांच के दौरान टीटी (TT) ने उसे खंडवा रेलवे स्टेशन पर उतारा, जहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया और बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया।
👨👦 बाल कल्याण समिति ने की काउंसलिंग, पिता को सुरक्षित सौंपा बच्चा
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बच्चे की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की गई। इसके बाद उसके पिता को मुंबई से खंडवा बुलाकर बालक को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। इस दौरान समिति के सदस्य मोहन मालवीय एवं कविता पटेल तथा बाल संरक्षण अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई और धर्मेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
🗣️ बच्चों से नियमित संवाद है जरूरी, अभिभावकों को दी गई सलाह
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि बच्चों में बढ़ती अपेक्षाओं और भावनात्मक दबाव के कारण वे कई बार आवेश में आकर गलत निर्णय ले लेते हैं। उन्होंने सलाह दी कि अभिभावकों को अपने बच्चों से नियमित संवाद कर उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बच्चों की हर समस्या का समाधान घर छोड़ना नहीं, बल्कि परिवार से खुलकर संवाद करना है।
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