छिंदवाड़ा में पानी का गहरा संकट बना हुआ है। शहर के मुख्य पेयजल स्रोत कन्हरगांव डैम के सूखने के कारण पिछले 7 दिनों से नलों में पानी नहीं आया है। आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है और निगम के पास पर्याप्त टैंकर न होने से स्थिति और भी विकराल हो गई है। इस संकट को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देश के 6 प्रमुख औद्योगिक घरानों को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
✉️ कमलनाथ की बड़ी पहल: औद्योगिक घरानों को लिखे पत्र
कमलनाथ ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, आईटीसी और भारती एंटरप्राइजेज को पत्र भेजकर सीएसआर (CSR) फंड के तहत पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का निवेदन किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि छिंदवाड़ा में सूखे और गिरते भूजल स्तर के कारण ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल की भारी समस्या है। उन्होंने उद्योगपतियों से मानवीय आधार पर इस संकट में सहयोग का आग्रह किया है।
🏗️ प्रशासन का पक्ष: महापौर ने दी राहत की जानकारी
दूसरी ओर, नगर निगम महापौर विक्रम आहाके का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर है। स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद महापौर, कमिश्नर और तकनीकी अधिकारियों की टीम ने कन्हरगांव डैम का निरीक्षण किया।
“डैम में जलस्तर कम होने के कारण हमने त्वरित तकनीकी समाधान निकालते हुए ‘फ्लोटिंग पंप’ (पॉन्टून पंप) के माध्यम से डैम का पानी नहर में छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे भरतादेव फिल्टर प्लांट तक पानी पहुँचाया जा रहा है ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।” — विक्रम आहाके, महापौर, छिंदवाड़ा
महापौर ने भरोसा दिलाया है कि निगम प्रशासन जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। तकनीकी अधिकारियों को पंपों के संचालन और वितरण तंत्र पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी दिनों में शहरवासियों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।🛠️ निगम की तैयारी और भविष्य की राह
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