मध्य प्रदेश के जबलपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सोमवार को रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। EOW की टीम ने एक विद्युत वितरण कंपनी के एडिशनल चीफ इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
💸 बिल पास करने के नाम पर मांगी गई घूस
बिजली ठेकेदार अशोक कुमार द्विवेदी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कटनी की बहुरि बांध में विद्युत वितरण कंपनी के सबस्टेशन में करीब 10 लाख रुपये का निर्माण कार्य किया है। जब वे इस बिल का भुगतान लेने के लिए रामपुर स्थित विद्युत वितरण कंपनी के ऑफिस पहुंचे, तो अधिकारियों ने उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
👮 रंगे हाथों पकड़े गए भ्रष्ट इंजीनियर
ठेकेदार के अनुसार, वह रिश्वत की एक किस्त पहले ही दे चुके थे। सोमवार को जैसे ही उन्होंने एडिशनल चीफ इंजीनियर प्रहलाद मर्सकोले और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर चंद्रशेखर मेहरा को 25 हजार रुपये की दूसरी किस्त दी, वैसे ही EOW अधिकारी मनजीत सिंह और उनकी टीम ने मौके पर छापा मार दिया। दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
“इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा लाखों का वेतन, गाड़ी, बंगला और सुविधापूर्ण ऑफिस देने के बावजूद इन अधिकारियों का लालच कम नहीं हो रहा है।” — मनजीत सिंह, अधिकारी, EOW
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इसे एक गंभीर मामला माना है। अधिकारियों का कहना है कि उच्च पदों पर आसीन होकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के बावजूद इस तरह का भ्रष्टाचार असहनीय है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।⚖️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
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