नई दिल्ली: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में अफगानिस्तान की टीम संघर्ष करती नजर आ रही है। टेस्ट मैच के बाद अब अफगानी टीम वनडे सीरीज भी गंवा चुकी है। सीरीज में टीम इंडिया की 2-0 की अजेय बढ़त के पीछे भारतीय तेज गेंदबाजों का एक खास हथियार है—शॉर्ट बॉल। इस एक गेंद ने अफगान बल्लेबाजों की नाक में दम कर रखा है, जिससे वे अभी तक उबर नहीं पाए हैं।
📊 50% से अधिक विकेट शॉर्ट बॉल का कमाल
आंकड़ों पर गौर करें तो सीरीज के पहले दो मुकाबलों में अफगानिस्तान के कुल 20 विकेट गिरे। इनमें से 15 विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों के खाते में गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग आधे विकेट भारतीय गेंदबाजों ने केवल ‘शॉर्ट बॉल’ का सटीक इस्तेमाल करके चटकाए हैं।
⚡ भारतीय पेसर्स बनाम अफगानी पेसर्स: क्या है फर्क?
भारतीय और अफगानी गेंदबाजों के बीच ‘शॉर्ट बॉल’ के इस्तेमाल का अंतर ही जीत और हार तय कर रहा है:
भारतीय पेसर्स: इन्होंने 126 शॉर्ट बॉल फेंककर 7 विकेट झटके। इनकी औसत 16.28 रही और इकॉनमी 5.42 की थी।
अफगानी पेसर्स: इन्होंने 103 शॉर्ट बॉल फेंकी, लेकिन केवल 2 विकेट मिले। इनकी औसत 75.50 और इकॉनमी 8.79 रही।
स्पष्ट है कि भारतीय गेंदबाजों ने न केवल शॉर्ट बॉल का सही इस्तेमाल किया, बल्कि विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका भी नहीं दिया।
🎯 चेन्नई में क्लीन स्वीप की तैयारी
धर्मशाला से लेकर लखनऊ तक, भारतीय तेज गेंदबाजों ने अपनी शॉर्ट बॉल से अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को बैकफुट पर रखा है। यदि चेन्नई में खेले जाने वाले तीसरे वनडे में भी भारतीय पेसर्स इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो अफगानिस्तान का ‘क्लीन स्वीप’ होना लगभग तय माना जा रहा है।
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