काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का गजनी और कंधार पर कब्जे के लिए सुरक्षा बलों से भीषण संघर्ष हो रहा है। इस बीच तालिबान ने काबुल में भी अफगान सुरक्षा बलों को कमजोर करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। उसने तुर्की को धमकी है कि यदि उसने अमेरिका और नाटो सेना की वापसी के बाद काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा अपने हाथ में ली तो गंभीर खामियाजा भुगतेगा।
तुर्की अमेरिका के साथ वार्ता कर सेना वापसी के बाद काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा ले रहा है। इस मुद्दे पर तालिबान ने तुर्की को सीधे धमकाना शुरू कर दिया है। तालिबान चाहता है कि काबुल में वह बिना किसी विदेशी सेना के हस्तक्षेप के सीधे अफगान सुरक्षा बलों से मोर्चा ले।
इधर कंधार के ताजा हालात के संबंध में वहां के प्रांतीय परिषद के सदस्य अताउल्लाह अत्ता ने जानकारी दी है। कंधार में कब्जे को लेकर भीषण संघर्ष चल रहा है। यहां तालिबान ने जेल में घुसने की कोशिश की। उसे वहां से खदेड़ दिया गया। हिंसा के हालात से डरे सैकड़ों परिवार कंधार से भाग गए हैं। यहां पिछले 24 घंटों के दौरान आठ नागरिकों की मौत हो गई, तीस से ज्यादा घायल हो गए हैं
गजनी के चारों तरफ तालिबानी आतंकी फैले हुए हैं। आतंकियों ने रात भर गजनी पर हमले किए। यहां भी मारकाट चल रही है।
हवाई हमलों में 29 तालिबानी आतंकी मारे गए
आइएएनएस के अनुसार जौजान प्रांत में तालिबान के छिपे हुए अड्डों पर हवाई हमले किए गए। हमले में 29 आतंकवादी मारे गए। तालिबान का यहां के जौजान प्रांत के साथ ही बल्ख, फरयाब आदि प्रांतों में दो दर्जन से ज्यादा जिलों पर कब्जा है।
आइएएनएस के अनुसार बदख्शान प्रांत के कुरान-वा-मुंताज जिले को सुरक्षा बलों ने तालिबान के कब्जे से मुक्त करा लिया है। यह बदख्शान का दूसरा जिला है, जिस पर दोबारा कब्जा किया गया है। इससे पहले यहां के यफ्ताल को भी सुरक्षा बलों ने दोबारा नियंत्रण में ले लिया था।
अफगानिस्तान का विकास बजट अब खर्च होगा रक्षा पर
एएनआइ के अनुसार अफगानिस्तान में हिंसा के कारण राजस्व में भारी कमी के कारण वित्त मंत्रालय ने विकास कार्यो के आवंटित बजट को रक्षा पर खर्च करने की सहमति दे दी है। पहचान पत्र, वीजा और सरकारी कर्मचारियों का वेतन देने का काम जारी रहेगा। अन्य विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित धन को अब रक्षा परियोजनाओं में लगाया जा रहा है
ज्ञात हो कि देश के कई हिस्सों पर तालिबान का विस्तार होने के बाद छह सीमा शुल्क कार्यालय भी उसके कब्जे में आ गए हैं।
घरों पर कब्जा और स्कूलों में आग लगा रहा तालिबान
एपी के अनुसार पिछले 15 दिनों में तालिबान ने पांच हजार से ज्यादा परिवारों को जिलों से खदेड़ दिया है। तालिबान उनके घरों पर कब्जा कर रहा है। यही नहीं तालिबान स्कूलों में भी आग लगा रहा है। हजारों परिवार अपने घरों से भागकर 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में खुली जगहों में रहने को मजबूर हैं।
पाकिस्तान के कहने पर चल रहा है तालिबान
एएनआइ के अनुसार अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने कहा है कि तालिबान पाक सेना की विशेष यूनिट के इशारे पर हिंसा कर रहा है। टोलो न्यूज के अनुसार सालेह ने कहा है कि पाकिस्तान की विशेष आतंक निरोधी सेल के इशारे पर काम कर रहा है।
हिंसाग्रस्त देश मानवीय संकट के कगार पर
रायटर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि अफगानिस्तान में एक बार फिर गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। यहां हिंसा के बीच हजारों लोगों का पलायन हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र में शरणार्थियों के हाई कमिश्नर (यूएनएचसीआर) के प्रवक्ता बाबर बलूच ने कहा कि शांति वार्ता के विफल होने से देश में शरणार्थियों के लिहाज से गंभीर संकट आने वाला है।
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