खंडवा | शिक्षा एवं गौरवपूर्ण समाचार
दादाजी और किशोर कुमार की नगरी खंडवा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इसी बात को सच साबित करते हुए शहर की होनहार बेटी रूपल (पिता धनंजय, माता लता जायसवाल) ने अपनी सेल्फ-स्टडी (स्व-अध्ययन) के बल पर यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 43वां स्थान हासिल कर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इस शानदार उपलब्धि के बाद से ही रूपल के परिवार, समाज और पूरे शहर में खुशी व उत्सव का माहौल है।
✨ जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई: विधायक पहुंचीं घर, सांसद ने फोन पर सराहा
शनिवार (दूसरे दिन) भी रूपल के निवास पर शहरवासियों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।
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विधायक ने किया सम्मान: खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे ने रूपल के निवास पहुंचकर उनका आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने रूपल को मिठाई खिलाकर इस बड़ी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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सांसद ने दी शुभकामनाएं: क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी मोबाइल (दूरभाष) के माध्यम से संपूर्ण संसदीय क्षेत्रवासियों की ओर से रूपल को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई प्रेषित की।
🎤 UPSC इंटरव्यू के रोचक पल: जब गूंजा किशोर दा का नाम
रूपल, जो अब कलेक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, ने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। जब उनके इंटरव्यू की बारी आई, तो बोर्ड द्वारा उनसे खंडवा और दिग्गज गायक किशोर कुमार को लेकर कई दिलचस्प सवाल पूछे गए।
बोर्ड ने पूछा— “किशोर कुमार का यह शहर कितना दीवाना है? किशोर दा की नगरी में उनका क्या है?” इस पर रूपल ने पूरे आत्मविश्वास और गर्व के साथ जवाब दिया कि किशोर दा ने खंडवा में जन्म लिया और देश-दुनिया में शहर का नाम रोशन किया। शहर में आज भी उनका भव्य स्मारक और समाधि स्थित है, जहाँ उनके प्रशंसक खिंचे चले आते हैं।
📚 प्रतिभाओं को मिले मंच तो रच सकते हैं इतिहास
रूपल की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि युवाओं को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे अपने हुनर का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। बिना किसी महंगी कोचिंग के अपनी मेहनत के बल पर पाई गई रूपल की यह 43वीं रैंक आज पूरे खंडवा के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।