खंडवा | पर्व एवं स्वास्थ्य जागरूकता समाचार
रासायनिक रंगों से त्वचा और स्वास्थ्य को होने वाले दुष्प्रभावों से बचाने तथा स्वस्थ परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में एक अनूठी पहल की जा रही है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के ‘स्वास्थ्य आंदोलन’ के तहत रविवार, 8 मार्च को खंडवा में ‘प्राकृतिक रंगों की होली’ (Herbal Holi) का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें शहरवासी सपरिवार शामिल होकर एक सुरक्षित और सभ्य वातावरण में होली का आनंद ले सकेंगे।
✨ मुख्य आकर्षण: त्वचा को निखारने वाले 100% प्राकृतिक रंग
आयोजकों ने बताया कि इस विशेष होली में बाज़ार के केमिकल वाले रंगों का बिल्कुल उपयोग नहीं होगा। इसके बजाय:
प्राकृतिक सामग्री: हल्दी, चुकंदर, मुल्तानी मिट्टी, टेसू के फूल, अष्टगंध, नीम रस और गोपी चंदन से तैयार रंगों का उपयोग किया जाएगा।
सुगंध और निखार: इन रंगों में कपूर काचरी, आंबा हल्दी, मौसंबी, संतरा, नींबू के छिलके का पाउडर और गुलाबजल मिलाया गया है। यह सुगंधित मिश्रण त्वचा को निखारने और उसकी शुष्कता (Dryness) दूर करने में बेहद लाभकारी साबित होगा।
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत इसका पारिवारिक और अनुशासित वातावरण है। कार्यक्रम में महिला, पुरुष, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग संगीतमय व्यवस्था की जाएगी, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग बिना किसी असुविधा के फाग उत्सव का आनंद ले सकें।👨👩👧👦 पारिवारिक और सुरक्षित माहौल: महिला-पुरुष के लिए अलग व्यवस्था
आयोजन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम:
आयोजन स्थल पर ही सभी प्राकृतिक रंगों की व्यवस्था रहेगी।
बाहर से किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सीमित स्थान होने के कारण कार्यक्रम में प्रवेश केवल ‘कूपन’ के माध्यम से दिया जाएगा।
तारीख: 8 मार्च 2026 (रविवार)📅 कार्यक्रम की रूपरेखा (Event Details):
समय: सुबह 07:00 बजे से 10:30 बजे तक
स्थान: नक्षत्र गार्डन, खंडवा
प्रवेश: कूपन अनिवार्य (इच्छुक नागरिक शीघ्र कूपन प्राप्त करें)
आयोजन में गायत्री शक्तिपीठ सूरजकुंड से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता और समाजसेवी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजकों ने सभी शहरवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित आकर इस स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक होली का आनंद लें।
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