खंडवा/भोपाल | राजनीतिक एवं प्रादेशिक समाचार
मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का पहला दिन सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में खंडवा विधायक कंचन तनवे ने भी हिस्सा लिया और ‘लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका’ पर आयोजित पहले सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया।
🏛️ एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 55 युवा विधायक हुए शामिल
इस विशेष सम्मेलन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 45 वर्ष तक की उम्र के लगभग 55 युवा विधायक शामिल हुए हैं। सम्मेलन के पहले दिन “लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका” विषय पर विस्तृत मंथन हुआ। युवा विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री देवनानी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त कर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
📈 ‘जनप्रतिनिधि का दायित्व है क्षेत्र का विकास और समस्याओं का निराकरण’
सम्मेलन के दौरान ‘एक जनप्रतिनिधि की लोकप्रियता किस प्रकार बढ़ती है’, इसे लेकर भी गहन चर्चा की गई। आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश एवं विभिन्न राज्यों के विधायकों ने अपने राजनीतिक अनुभव साझा किए। इस अवसर पर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े अनुभवों और जनसहभागिता के प्रयासों को साझा करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का मुख्य दायित्व अपने क्षेत्र का विकास करना और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है, तभी वह स्थाई रूप से राजनीति में आगे बढ़ सकता है और जनता का विश्वास जीत सकता है।
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