खंडवा। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने नगरीय क्षेत्र में पेयजल वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें। यह निर्देश कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने इस दौरान सभी एसडीएम से कहा कि प्रतिदिन सुबह अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करें और जहां भी समस्या पाई जाए, उसका त्वरित निराकरण कराएं। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा, अपर कलेक्टर के.आर. बड़ोले, पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, सहायक कलेक्टर सुश्री शिल्पा चौहान सहित जनपद पंचायतों के सीईओ, सभी सीएमओ एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद थे।
🚫 पेयजल से जुड़े अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, नालों की हो सफाई
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा पेयजल व्यवस्था से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाशों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अतः पेयजल व्यवस्था से जुड़े अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें और अत्यावश्यक होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से अवकाश स्वीकृत कराकर अनुमति लेकर ही मुख्यालय छोड़ें। कलेक्टर ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं नगर निगम आयुक्त खंडवा श्रीमती प्रियंका राजावत को निर्देश दिए कि वर्षा से पूर्व शहरी क्षेत्र के नालों की सफाई अवश्य करवा लें, ताकि अतिवर्षा की स्थिति में शहरी बस्तियों में पानी न भरे। उन्होंने शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए सभी सीएमओ को पाबंद किया। साथ ही, सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की शेष कार्यवाही शीघ्रता से पूर्ण करें।
🍔 मिलावट पर कसें नकेल, CM हेल्पलाइन का हो संतुष्टिपूर्ण निराकरण
कलेक्टर ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट तथा सड़े-गले फलों एवं प्रदूषित मिठाइयों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण व कार्यवाही करें। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करवाएं और वर्षा शुरू होने से पूर्व इन्हें पूर्ण करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण की विभागवार विस्तृत समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ‘कोई भी शिकायत नॉट अटेंड न रहे’, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण से पूर्व संबंधित आवेदक से अधिकारी स्वयं बात करें और संतुष्टिपूर्ण ढंग से शिकायत के निराकरण का हरसंभव प्रयास करें।
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