खंडवा। बुधवार को गांधी भवन में कांग्रेस द्वारा 7 मई (गुरुवार) को मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (खलघाट) पर होने वाले आंदोलन को लेकर जिला कांग्रेस प्रभारी एवं हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह, प्रतिभा रघुवंशी और किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोनू गुर्जर विशेष रूप से उपस्थित थे।
🌾 ‘उपज केंद्र नहीं, शोषण केंद्र’, टोकन सिस्टम को बताया पूरी तरह विफल
श्री दोगने ने मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उपज केंद्रों पर टोकन सिस्टम पूरी तरह से विफल है, जिसके चलते किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। खुले में रखी फसल के खराब होने का खतरा लगातार बना रहता है। पार्टी ने इसे ‘उपज केंद्र नहीं, शोषण केंद्र’ करार दिया है।
⚖️ जनसुनवाई में किसानों को जेल भेजने का मुद्दा विधानसभा में उठाएगी कांग्रेस
श्री दोगने ने जेल से रिहा हुए किसान का माला पहनाकर स्वागत किया और कहा कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। जब किसान अपनी मांग लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में जाता है, तो उसको गुंडा करार देकर जेल में डालने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा, “यह तो धन्य है हमारे दोनों जिलाध्यक्षों का, जिनकी तत्परता से किसान की रिहाई हो गई।” श्री दोगने ने दोनों अध्यक्षों का धन्यवाद प्रेषित करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में किसान के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
💰 MSP पर वादाखिलाफी और कर्ज माफी का नहीं है स्पष्ट रोडमैप
कांग्रेस का दावा है कि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी (MSP) और वास्तविक भुगतान में भारी अंतर है। 2700 रुपये प्रति क्विंटल के वादे के बावजूद खरीद कम दरों पर शुरू होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही गेहूं और सोयाबीन का भुगतान समय पर नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। श्री दोगने ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए कर्ज माफी का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और बीमा व आपदा मुआवजा भी अटका हुआ है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। किसानों को डीएपी, यूरिया और जूट बैग जैसी जरूरी सामग्री की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है।
📜 कांग्रेस की प्रमुख मांगें: 7 दिनों में हो भुगतान, अपराधियों जैसा न हो व्यवहार
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या सरकार खरीद के लिए पर्याप्त तैयारी कर पाई है? नरवाई प्रबंधन को लेकर सख्त नियमों और सीधे केस दर्ज करने की कार्रवाई पर भी पार्टी ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस का कहना है कि किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। प्रेसवार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें भावांतर और लंबित भुगतान का पूरा निपटारा, एमएसपी पर गारंटीड खरीद, 7 दिनों में भुगतान की कानूनी गारंटी, उपज केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाना, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना और कर्ज माफी का स्पष्ट रोडमैप शामिल है।
इस अवसर पर दीपक मुल्लू राठौर, विकास व्यास, विशाल जैन, मनोज मंडलोई, जिला प्रवक्ता प्रेमांशु जैन, शब्बीर कादरी, असलम गौरी, रियासत खान, दिव्यांश ओझा, यशवंत सिलावट, नासिर खान, मोइज खान, अय्यूब लाला और अयान सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।
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